पीएमइंडिया
कोविन प्लेटफॉर्म को सभी देशों के लिए उपलब्ध होने वाला एक खुला संसाधन बनाया जा रहा है : प्रधानमंत्री
लगभग 200 मिलियन उपयोगकर्ताओं के साथ, ‘आरोग्य सेतु’ ऐप डेवलपर्स के लिए आसानी से उपलब्ध होने वाला पैकेज है: प्रधानमंत्री
100 वर्षों में इस तरह की महामारी का कोई अन्य उदाहरण नहीं मिलता है और कोई भी राष्ट्र, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली हो, अकेले इस तरह की चुनौती का समाधान नहीं कर सकता: प्रधानमंत्री
हमें साथ मिलकर काम करना है और साथ-साथ आगे बढ़ना है: प्रधानमंत्री
भारत ने अपनी टीकाकरण रणनीति की योजना बनाते समय पूरी तरह से डिजिटल दृष्टिकोण को अपनाया है: प्रधानमंत्री
सुरक्षित और विश्वसनीय सबूत लोगों को यह स्थापित करने में मदद करते हैं कि उन्हें कब, कहां और किसके द्वारा टीका लगाया गया: प्रधानमंत्री
डिजिटल दृष्टिकोण टीकाकरण के उपयोग का पता लगाने और टीके की बर्बादी को कम से कम करने में भी मदद करता है: प्रधानमंत्री
‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ के दृष्टिकोण से निर्देशित होकर ही मानवता निश्चित रूप से इस महामारी पर विजय प्राप्त करेगी: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज कोविन वैश्विक सम्मेलन को संबोधित किया और दुनिया द्वारा कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए भारत द्वारा डिजिटल जनकल्याण के रूप में कोविन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की पेशकश की।
प्रधानमंत्री ने सभी देशों में कोविड महामारी के कारण जान गंवाने वाले सभी लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 100 वर्षों में इस तरह की महामारी का कोई उदाहरण नहीं मिलता है और कोई भी राष्ट्र, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली हो, अकेले इस तरह की चुनौती का समाधान नहीं कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “कोविड-19 महामारी से यह सबसे बड़ा सबक मिलता है कि मानवता और मानव कल्याण के लिए हमें मिलकर काम करना होगा और साथ-साथ आगे बढ़ना होगा। हमें एक-दूसरे से सीखना होगा और अपनी सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में एक-दूसरे का मार्गदर्शन भी करना होगा।
I convey my sincere condolences for all the lives lost to the pandemic, in all the countries.
There is no parallel to such a pandemic in a hundred years.
Experience shows that no nation, however powerful that nation is, can solve a challenge like this in isolation: PM
— PMO India (@PMOIndia) July 5, 2021
वैश्विक समुदाय के साथ अनुभव, विशेषज्ञता और संसाधनों को साझा करने के बारे में भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक प्रथाओं से सीखने के लिए भारत की उत्सुकता को जाहिर किया। महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा कि सॉफ्टवेयर एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें संसाधनों की कोई कमी नहीं है। इसलिए भारत ने प्रौद्योगिकी रूप से समर्थ होते ही अपने कोविड ट्रैकिंग और ट्रेसिंग ऐप को खुला साधन बना दिया है। उन्होंने कहा कि लगभग 200 मिलियन उपयोगकर्ताओं के साथ ‘आरोग्य सेतु‘ ऐप डेवलपर्स के लिए आसानी से उपलब्ध पैकेज हो गया है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक दर्शकों से कहा कि भारत में उपयोग होने के बाद आप इस बारे में सुनिश्चित हो सकते हैं कि गति और पैमाने के लिए इसका वास्तविक दुनिया में परीक्षण किया गया है।
Right from the beginning of the pandemic, India has been committed to sharing all our experiences, expertise and resources with the global community in this battle.
Despite all our constraints, we have tried to share as much as possible with the world: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) July 5, 2021
प्रधानमंत्री ने कहा कि टीकाकरण को महत्व देते हुए भारत ने अपनी टीकाकरण की रणनीति की योजना बनाते हुए पूरी तरह डिजिटल दृष्टिकोण को अपनाया है। इससे लोगों को यह साबित करने में मदद मिली है कि उन्हें महामारी के बाद भी वैश्विक दुनिया में तेजी से सामान्य स्थिति कायम करते हुए टीका लगाया गया है। सुरक्षित और भरोसेमंद सबूत लोगों को यह स्थापित करने में मदद करते हैं कि उन्हें कब, कहां और किसके द्वारा टीका लगाया गया है। डिजिटल दृष्टिकोण टीकाकरण के उपयोग का पता लगाने और टीके की बर्बादी को कम से कम करने में भी मदद करता है।
Technology is integral to our fight against COVID-19.
Luckily, software is one area in which there are no resource constraints.
That’s why we made our Covid tracing and tracking App open source as soon as it was technically feasible: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) July 5, 2021
पूरी दुनिया को एक परिवार मानने के भारत के दर्शन के अनुरूप प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड टीकाकरण प्लेटफॉर्म कोविन को खुले संसाधन के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह जल्दी ही सभी देशों के लिए उपलब्ध होगा।
Vaccination is the best hope for humanity to emerge successfully from the pandemic.
And right from the beginning, we in India decided to adopt a completely digital approach while planning our vaccination strategy: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) July 5, 2021
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज का यह सम्मेलन वैश्विक दर्शकों के सामने इस मंच को प्रस्तुत करने की दिशा में पहला कदम है। भारत में कोविड टीकों की 350 मिलियन खुराक दी जा चुकी हैं। इनमें पिछले कुछ दिन पहले एक दिन में दी गई 9 मिलियन खुराक भी शामिल हैं। इसके अलावा टीका लगवाने वाले लोगों को कुछ भी साबित करने के लिए कागज का टुकड़ा ले जाने की भी जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सब डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध है। प्रधानमंत्री ने इच्छुक देशों की स्थानीय जरूरतों के अनुसार सॉफ्टवेयर की अनुकूलन क्षमता पर भी प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस उम्मीद के साथ समापन किया कि ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य‘ के दृष्टिकोण से निर्देशित होकर ही मानवता निश्चित रूप से इस महामारी पर विजय प्राप्त करेगी ।
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एमजी/एएम/आईपीएस/एचबी
Addressing #CoWINGlobalConclave. https://t.co/cC5cguCyWz
— Narendra Modi (@narendramodi) July 5, 2021
I convey my sincere condolences for all the lives lost to the pandemic, in all the countries.
— PMO India (@PMOIndia) July 5, 2021
There is no parallel to such a pandemic in a hundred years.
Experience shows that no nation, however powerful that nation is, can solve a challenge like this in isolation: PM
Right from the beginning of the pandemic, India has been committed to sharing all our experiences, expertise and resources with the global community in this battle.
— PMO India (@PMOIndia) July 5, 2021
Despite all our constraints, we have tried to share as much as possible with the world: PM @narendramodi
Technology is integral to our fight against COVID-19.
— PMO India (@PMOIndia) July 5, 2021
Luckily, software is one area in which there are no resource constraints.
That's why we made our Covid tracing and tracking App open source as soon as it was technically feasible: PM @narendramodi
Vaccination is the best hope for humanity to emerge successfully from the pandemic.
— PMO India (@PMOIndia) July 5, 2021
And right from the beginning, we in India decided to adopt a completely digital approach while planning our vaccination strategy: PM @narendramodi
Indian civilization considers the whole world as one family.
— PMO India (@PMOIndia) July 5, 2021
This pandemic has made many people realize the fundamental truth of this philosophy.
That's why, our technology platform for Covid vaccination - the platform we call CoWin- is being prepared to be made open source: PM