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“आज विक्रम संवत दो हजार बयासी…फाल्गुन कृष्ण पक्ष..विजया एकादशी के दिन…माघ चौबीस, शक संवत् उन्नीस सौ सैंतालीस के पुण्य अवसर पर…
13 फरवरी, 2026 को माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा नया प्रधानमंत्री कार्यालय जिसे अब ‘सेवातीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा, राष्ट्र को समर्पित किया गया है। साउथ और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण अंग्रेजों द्वारा भारत को गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रहने के लिए हुआ था। 1947 में भारत को गुलामी से तो मुक्ति मिली लेकिन इन भवनों को तत्कालीन सरकार द्वारा अपने कार्यों के निष्पादन हेतु बनाए रखा गया। स्वतंत्रता के बाद से ही प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक के इस भवन से कार्य करता रहा है।
आज हमें हर्ष है कि साउथ ब्लॉक के इस कक्ष में अंतिम बार केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हो रही है। ये केवल स्थान परिवर्तन का क्षण नहीं है, यह इतिहास और भविष्य के संगम के भी पल हैं। इस परिसर ने गुलामी से आज़ादी और फिर स्वतंत्र भारत की अनेक ऐतिहासिक घटनाओं को देखा है, गढ़ा है। इस परिसर ने देश के 16 प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में बनी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले होते देखे हैं। इसकी सीढ़ियों पर नेहरू जी से लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तक के पदचिन्ह हैं। इस भवन की सीढ़ियों पर चढ़ते कदमों ने देश को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम योगदान दिया है।
बीते दशकों में यहां कैबिनेट की बैठकों में, संविधान के आदर्शों, जनता से मिले जनादेश और राष्ट्र की आकांक्षाओं से प्रेरित होकर अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। यहां भारत की सफलताओं का उत्सव भी मनाया गया, असफलताओं का आंकलन भी हुआ और साथ ही संकटों और चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े और बड़े फैसले भी लिए गए।
साउथ ब्लॉक के इन कमरों ने विभाजन की विभीषिका भी देखी, युद्ध और आपातकाल की चुनौतियों को भी देखा और शांतिकाल की नीतियों पर भी चिंतन और मनन किया। इन्होंने टाइपराइटर से लेकर डिजिटल गवर्नेंस तक, तकनीक की लंबी छलांग को महसूस किया है।
यहाँ बैठकर अधिकारियों की कई पीढ़ियों ने ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने भारत को आज़ादी के तुरंत बाद की अनिश्चितता से निकालकर स्थिरता की राह पर आगे बढ़ाया। सबके प्रयासों का परिणाम है कि आर्थिक चुनौतियों और संकटों से निकलकर, आज भारत एक आत्मविश्वासी राष्ट्र बनकर खड़ा हुआ है।
आज का भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत आज एक सुरक्षित और सक्षम राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आया है और वैश्विक मंचों पर अपनी स्पष्ट और प्रभावशाली आवाज़ रख रहा है।
बीते एक दशक में, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में साउथ ब्लॉक राष्ट्र के अनेक ऐतिहासिक निर्णयों का केंद्र रहा। ये स्थान मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की प्रेरणा स्थली बना। यहां से रिफॉर्म एक्सप्रेस को पूरे देश में प्रोत्साहन मिला है। यहीं से डीबीटी, स्वच्छ भारत अभियान, गरीब कल्याण से जुड़े अभियान, डिजिटल इंडिया, GST जैसे व्यापक सुधारों को आकार मिला। यहां से ही आर्टिकल-370 की दीवार गिराने और तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने जैसे सामाजिक न्याय के साहसिक और संवेदनशील निर्णय लिए गए। यहीं लिए गए सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के निर्णयों के माध्यम से भारत ने अपनी दृढ़ और आत्मविश्वासी सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश विश्व को दिया।
आज देश विकसित भविष्य के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके लिए एक आधुनिक, तकनीकी और पर्यावरण के प्रति अनुकूल कार्यालय की आवश्यकता थी। एक ऐसा कार्यक्षेत्र, जो यहां काम करने वाले हर कर्मयोगी की उत्पादकता को बढ़ाए, सेवाभाव के उसके संकल्प को प्रोत्साहित करे।
इसी भाव के साथ साउथ ब्लॉक के उद्घाटन के करीब 95 वर्षों के बाद, आज 13 फरवरी 2026 को भारत सरकार इन भवनों को खाली कर रही है और ‘सेवातीर्थ’ तथा ‘कर्तव्य भवनों’ में स्थानांतरित हो रही है। यह प्रतीकात्मक रूप से गुलामी के अतीत से ‘विकसित भारत’ के भविष्य की ओर बढ़ने की ओर देश का एक और कदम है। बीते वर्षों में देश में ‘सत्ता भाव’ के बजाय ‘सेवा भाव’ की संस्कृति सशक्त हुई है। आज का ये स्थानांतरण, इन संस्कारों को और मजबूती देगा।
आज कैबिनेट यह संकल्प भी लेती है कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को “युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय” का हिस्सा बनाया जाए, जो हमारी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता से पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ये संग्रहालय, हमारी कालातीत और शाश्वत सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाएगा और हमारे गौरवशाली अतीत को समृद्ध भविष्य से जोड़ेगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल, गवर्नेंस के केंद्र को औपनिवेशिक अतीत से नए भारत के ‘सेवातीर्थ’ में परिवर्तित करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करती है।
On Vijaya Ekadashi, 13 February 2026, the Union Cabinet adopted a resolution marking the dedication of a new chapter in India’s governance by Prime Minister @narendramodi
— PIB India (@PIB_India) February 14, 2026
Built during British rule, the North and South Blocks served as the centre of governance after Independence… pic.twitter.com/JcTn7TsGiP