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Text of PM’s address after unveiling the Bust of the Mahatma Gandhi at Culemannstrasse in Hannover, Germany


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महात्मा गांधी भारत में जन्मे जरूर थे। महात्मा गांधी पिछली शताब्दी में जन्मे जरूर थे लेकिन न वह सिर्फ भारत के थे, न ही वह बीती हुई शताब्दी के थे। वे पूरे विश्व के थे और वे युग पुरुष थे और युगों तक जब-जब मानवता की चर्चा होगी तब महात्मा गांधी का जीवन, उनके शब्द, उनके संकल्प, संकट की घड़ी में भी मानव जाति को मार्गदर्शन दिखाएंगे। विश्व दो संकटों से गुजर रहा है। एक आंतकवाद और दूसरा ग्लोबल वार्मिंग। पूरे विश्व को इसकी चिंता है और अगर हम महात्मा गांधी की तरफ देंखे तो इन दोनों समस्याओं का समाधान महात्मा गांधी के विचारों में से मिलता है, उनके आदर्शों में से मिलता है। वे प्रकृति को प्रेम करते थे। वे प्रकृति के साथ-साथ जीवन की बात करते थे और वे पर्यावरण की रक्षा के लिए बड़े जागरुक थे।

उस समय विश्व में कहीं पर भी Environment की चर्चा नहीं होती थी उस समय वह प्राकृतिक जीवन के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए अपने जीवन के माध्यम से संदेश देते रहते थे। दुनिया जो आज रक्तरंजित हो रही है। मानव जीवन पर आतंकवाद का साया मानवता को नष्ट करने पर तुला हुआ है। तब, महात्मा गांधी का अहिंसा का संदेश महात्मा गांधी का सह-जीवन का संदेश और भारत की धरती का ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश इस संकट से मानवता को बचाने का उत्तम रास्ता है और उस अर्थ में महात्मा गांधी आज भी पूरी मानव जाति के लिए आदर्श हैं, प्रेरक हैं|

मैं मेयर Stefan का, हेनोवर की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि आज महात्मा गांधी की प्रतिमा यहां लगी है और मुझे बताया गया कि यहां की जनता ने मतदान करके तय किया था कि हमारे हेनोवर में महात्मा गांधी की प्रतिमा होनी चाहिए।

लोकतांत्रिक तरीके से, और इसलिए आज महात्मा गांधी की प्रतिमा की स्थापना हर हेनोवर के नागरिक के लिए गर्व का विषय है, जर्मनी के लिए गर्व का विषय है और मैंने जैसे कहा, हर भारतीय तो गर्व करेगा लेकिन मानवता में विश्वास करने वाले विश्व के हर व्यक्ति के लिए आज गर्व का अवसर है। मैं फिर से एक बार मेयर Stefan का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।