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Text of PM’s replies during question-answer session at the Tsinghua University, Beijing


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भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को क्षेत्रीय सामजस्यता फोरम में परिवर्तित करने और इस सम्बन्ध में संभावनाओं के संदर्भ में पूछे गये प्रश्‍न पर प्रधानमंत्री जी का उत्तर:

प्रधानमंत्री जी – वैसे मेरे भाषण में मैंने विस्‍तार से इस बात का उल्‍लेख किया है। आज world order पूरी तरह बदल चुका है और जब world order पूरी तरह बदल चुका है, तब और सारी दुनिया जब कहती है कि 21वीं सदी एशिया की सदी है। तब एशिया में रहने वाले हम लोगों का दायित्‍व विशेष बढ़ जाता है और उसमें भी चीन और भारत का दायित्‍व और बढ़ जाता है। भारत को और चीन को आर्थिक विकास की दिशा में कई पहल करनी होगी। चीन के पास तीन चीजों में विशेषताएं हैं – Scale, Skill and Speed वो हर चीज बहुत विशाल रूप से करते हैं और बहुत तेज गति से करते हैं।

भारत भी उसी तेज गति से आगे बढ़ना चाहता है। तो ऐसे कई क्षेत्र हैं जिसमें हम मिल करके काम कर सकते हैं। China ने 30 साल पहले urbanization को एक Opportunity माना और उसने Urban Infrastructure , Urban Polity of Life, Urban को Economy का Growth center और उसका परिणाम China को मिला। आज भारत भी Smart City का concept ले करके आगे बढ़ रहा है, तो मैं समझता हूं कि हम लोगों के लिए यह आवश्‍यक है कि हम दोनों देश एक दूसरे के साथ जैसे IT में भारत-चाइना के लिए बहुत कुछ कर सकता है। Tourism….भारत और चाइना के बीच बहुत बढ़ सकता है। Technology के क्षेत्र में हम बहुत आदान-प्रदान कर सकते हैं और इसलिए मैंने मेरे भाषण में भी विस्‍तार से कहा है कि आर्थिक संबंधों और समझौतों को ले करके हमें आगे बढ़ना है।

लोकतंत्र, जनसँख्या अधिलाभांश और बाजार की मांग के भारत की अर्थव्यवस्था में योगदान के संदर्भ में पूछे गये प्रश्‍न पर प्रधानमंत्री जी का उत्तर:

प्रधानमंत्री जी – Thank you. मैं हमेशा कहता हूं कि Democracy, Demography और सवा सौ करोड़ का देश अपने आप में एक बहुत बड़ा purchasing power भी है। at the same time, जिस देश के पास 8 hundred million वो लोग है जिनकी उम्र 35 साल से भी कम है और दुनिया इस व्‍यवस्‍था के प्रति स्‍वाभाविक तौर से भरोसा करती है, व्‍यक्ति का दुनिया के साथ जुड़ना बहुत सरल हो जाता है, वो है Democracy. इसमें ताकत है कि वो आने वाले दिनों में विश्‍व का ध्‍यान आ‍कर्षित करती है।

अगर हमें Manufacturing Sector में जाना है, सारी दुनिया में workforce की requirement, कई देश ऐसे होंगे। 2020 के बाद जो workforce की requirement है, कई देश होगे कि जिनके पास Technology होगी, Infrastructure, पैसे होंगे, लेकिन आगे बढ़ने के लिए workforce नहीं होगा।

ऐसे समय भारत का यूथ दुनिया की workforce को पूरा कर सके , इतना सामर्थ्‍य है।

उसी प्रकार से Manufacturing Sector में youth power का बहुत बड़ा रोल है। Research और Innovation करने है तो youth power का बहुत बड़ा रोल है और इस समय जो demographic dividend है वो सिर्फ भारत की ताकत के रूप में नहीं दुनिया की आवश्‍यकता की पूर्ति करने का एक महत्‍वपूर्ण अवसर मिलेगा और इसलिए हम भारत के youth को एक global workforce की requirement के अनुसार skill development की और बल दे रहे है। ताकि विश्‍व प्रगति की जिस ऊँचाई पर जाना चाहता है उसमें भारत भी अपनी युवा शक्ति के माध्‍यम से contribute कर सकें और लोकतंत्र….of-course जानते है कि दुनिया के सभी देश आज लोकतंत्र के प्रति इस व्‍यवस्‍था के प्रति और खास करके युवा generation, young population जो है वो इसमें सर्वाधिक रूचि रखते है तो इसमें एक advantage भारत को बहुत स्‍वाभाविक है।