Search

PMINDIAPMINDIA

News Updates

Text of PM’s replies to the questions asked during the Joint Press Statement with PM of Canada, Mr. Stephen Harper at Ottawa, Canada


भारत – कनाडा के संबंधों और Uranium समझौते के विषय में पूछे गए प्रश्न का उत्तर:

प्रधानमन्त्री: आपके मन में आशंका है कि पहले नहीं हुआ तो अब कैसे होगा। बहुत छोटी से बात है – 42 साल से देश का प्रधानमंत्री नहीं आया था, और यह प्रधानमंत्री 10 महीने में आ गया है। तो हवा का रूख कैसे बदला है, इसका आपको पूरा पूरा अंदाजा हो सकता है।

दूसरी बात है, आपने लेटेस्ट सारे International Agency के rating देखें होंगे चाहे world bank हो, IMF हो, Moody हो – और हरेक का यह कहना है कि भारत पूरे विश्वक की fastest growing economy है। और जब fastest growing economy है, तो उसमें हमारा एक फोकस एरिया है – भारत को manufacturing hub बनाना। भारत manufacturing hub तब बनता है कि जब उसे raw material की जो आवश्कuताएं हैं वो पूर्ण हो। भारत को जिन raw material की आवश्यककता है, उसका भंडार कनाडा के पास भरा पड़ा है। तो यह हमारा ऐसा संबंध है, ऐसा नाता है, जो आपकी विपुलता और हमारी आवश्केता को जोड़ता है। जो हमारा manufacturing hub बनाने का सपना है, उसको पूरा करता है। और इसलिए, हम दोनों की आवश्य कता है जो प्रकृति के लिए गारंटी देती है।

और तीसरा विशय यू‍रेनियम। यूरेनियम को ले-बेच के तराजू से नहीं तोलना चाहिए। भारत और कनाडा का यूरेनियम एक प्रकार से विश्वाीस का प्रतीक है। और मैं मानता हूं, विश्वाेस एक सबसे बड़ी एनर्जी है, जो आने वाले दिनों में हमारे संबंधों को बढाएगी। सारी दुनिया Global Warming और Climate Change के कारण परेशान है। One-sixth population of the world – भारत है। हम दुनिया को कुछ देना चाहते हैं। Clean Energy के द्वारा हम दे सकते हैं। तो हमारी यह Global responsibility है, एक human responsibility है – जिसको पूरा करने के लिए हमने Clean Energy पर फोकस किया है। वो थोडा महंगा है। लेकिन मानव जाति की सेवा के लिए हमने यह जिम्मा उठाया है।

Clean Energy के मेरे mission को सफल होने के लिए, Uranium अनिवार्य है। और मेरे लिए Uranium, ये सिर्फ कोई खनिज नहीं है। मेरे लिए Uranium एक विशवास है, मेरे लिए Uranium इस विश्व को Global Warming से बचाने की दिशा में एक प्रमाणिक पवित्र प्रयास है, और उस अर्थ में Uranium का हमारा जो यह सम्बन्ध है, उसको देखना चाहिए, ये मैं आशा करूँगा।

आतंकवाद से सम्बंधित प्रश्न का उत्तर

प्रधानमन्त्री: कनाडा की संसद पर आतंकवाद का हमला – मैं मानता हूं कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है। और लोकतंत्र के मंदिर पर हमला कोई इमारत पर हमला नहीं है। मानवीय मूल्योंस में विश्वा स रखने वाली लोकतंत्र को समर्पित पूरे विश्व की उन शक्तियों पर हमला है। यह संकट हमने भी झेला था। और अब पूरा विश्वो अनुभव कर रहा है कि आतंकवाद की कोई भौगोलिक सीमाएं नहीं है। न उसका कोई रंग-रूप है। वो मानवता का दुश्म न है। और इसलिए, जो-जो भी मानवता पर विश्वा स करते हैं, उन सब शक्तियों को एकत्रआना चाहिए, और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए हमें हमेशा सज्ज्य रहना चाहिए। और मैं प्रधानमंत्री जी का बहुत आभारी हूं, कि उन्होंदने इस विषय में किसी भी प्रकार की लिपापोती न हो, strong अपने views रखे हैं, कभी in चीजों में compromise नहीं किया है, और देश के अन्य नेताओं के लिए भी यह मार्गदर्शक रवैया है। कनाडा एक दिशा-दर्शक बन सकता है।

दूसरी बात है United Nations अपने 70 साल पूरे करने जा रहा है। 70 साल एक महत्वकपूर्ण turning point है। कई वर्षों से एक विषय UN में विचाराधीन है, और न उसको विचार किया जाता है न उसको आगे बढ़ाया जाता है। अगर terrorism के काम में लड़ना है तो UN के umbrella के नीचे, एक पूरे विश्वस को संदेश जाना चाहिए। और जो विचाराधीन मुद्दा है – Comprehensive Convention on International Terrorism – इस विचाराधीन विषय को तत्का़लीन निर्धारित कर देना चाहिए। Terrorism की definition होनी चाहिए। Terrorism को कौन देश, कौन लोग मदद कर रहे हैं, किस प्रकार से उनकी Technological help होती है, किस प्रकार से उनको financial help होती है, किस प्रकार से उनको weapons पहुंचाएं जाते हैं – उन सारे रास्तों को बंद करने के लिए UN में यह resolution होना बहुत आवश्यकक है। और मैं मानूंगा कि UN जब 70 साल मनाने जा रहा है, तो पूरा विश्वग मिलकर के इस काम को पूरा करे।

और मैं मानता हूं कि लोकतंत्र के मंदिर तक का यह हमला इस कनाडा की एक इमारत पर नहीं है, यह पूरे माननीय मूल्योंम पर हमला है। और उसको उसी रूप में देखकर के हम सबने मिलकर के आतंकवाद के खिलाफ लड़ना चाहिए।