पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सफलता अर्जित करने में उत्साह और दृढ़ संकल्प के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा किया है।
प्रधानमंत्री ने निम्नलिखित श्लोक साझा किया-
“उत्साहो बलवानार्य नास्त्युत्साहात् परं बलम्। सोत्साहस्यास्ति लोकेऽस्मिन् न किञ्चिदपि दुर्लभम्॥”
सुभाषितम् का अर्थ है कि उत्साह सबसे बड़ी शक्ति है। एक उत्साही व्यक्ति के लिए वास्तव में कुछ भी प्राप्त करना अंसभव नहीं है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया;
“उत्साहो बलवानार्य नास्त्युत्साहात् परं बलम्।
सोत्साहस्यास्ति लोकेऽस्मिन् न किञ्चिदपि दुर्लभम्॥”
उत्साहो बलवानार्य नास्त्युत्साहात् परं बलम्।
सोत्साहस्यास्ति लोकेऽस्मिन् न किञ्चिदपि दुर्लभम्॥ pic.twitter.com/cDOD6X1FX7
— Narendra Modi (@narendramodi) March 5, 2026
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पीके/केसी/एसएस/वाईबी
उत्साहो बलवानार्य नास्त्युत्साहात् परं बलम्।
— Narendra Modi (@narendramodi) March 5, 2026
सोत्साहस्यास्ति लोकेऽस्मिन् न किञ्चिदपि दुर्लभम्॥ pic.twitter.com/cDOD6X1FX7