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प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरा खेलों में भारत के पदक जीतने की संख्या 14 से बढ़कर 114 तक पहुंचने की उल्लेखनीय उपलब्धि को रेखांकित किया


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एशियाई पैरा खेलों में भारत के पदकों की संख्या 14 से बढ़कर 114 तक पहुंचने की उल्लेखनीय उपलब्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश के खिलाड़ियों की अपार क्षमता और प्रतिभा को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि भारतीय खिलाड़ियों ने 30 स्वर्ण पदक जीते, पांच विश्व रिकॉर्ड और नौ एशियाई रिकॉर्ड बनाए तथा चार स्पर्धाओं में पोडियम के तीनों स्थानों पर जीत हासिल कर क्लीन स्वीप किया।

दो महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि एशियाई पैरा खेलों में पहली बार हिस्सा लेने वाले 61 खिलाड़ियों में से 36 पदक जीतकर लौटे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 ने पदक जीते।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति के बल पर किसी भी सपने को साकार किया जा सकता है और किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब वह दौर बीत चुका है, जब खेलों में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को समाज की आलोचना का सामना करना पड़ता था। आज भारत प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, खिलाड़ियों का समर्थन करने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए उनके साथ खड़ा है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“1️⃣4️⃣ से 1️⃣1️⃣4️⃣ तक

एक तरफ तो यह बस एक आंकड़ा है… जो एशियाई पैरा खेलों में भारत की शानदार प्रगति को दर्शाता है।

लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत की यह तेज रफ्तार प्रगति हमारे खिलाड़ियों की अपार क्षमता और प्रतिभा को दर्शाती है।

इस वर्ष भारतीय खिलाड़ियों ने यह उपलब्धियां हासिल कीं:

30 स्वर्ण पदक + 5 विश्व रिकॉर्ड + 9 एशियाई रिकॉर्ड + 4 स्पर्धाएं, जिनमें भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम के तीनों स्थानों पर जीत हासिल की।

दो आंकड़े मेरे लिए विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं:

एशियाई पैरा खेलों में पहली बार हिस्सा लेने वाले 61 खिलाड़ियों में से 36 पदक जीतकर स्वदेश लौटे।

इसी तरह, 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 ने पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

हमारे खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति के बल पर किसी भी सपने को साकार किया जा सकता है और किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।

वह दौर अब बीत चुका है, जब खेलों में अपना करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को समाज की नकारात्मक सोच का सामना करना पड़ता था।

आज यदि आपमें प्रतिभा है, तो भारत आपके साथ खड़ा होगा, आपको हर कदम पर प्रोत्साहित करेगा और आपकी उपलब्धियों का उत्सव मनाएगा।

आइए, खेलें और अपनी प्रतिभा से देश का नाम रोशन करें!”

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