पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धर्म, ज्ञान और अहिंसा के महत्व को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया।
“स्वाधीनैव समृद्धिर्जनोपजीव्यत्वमुच्छ्रयश्छाया।
सत्पुंसो मरुभूरिव जीवनमात्रं समाशास्यम्॥”
इसका अर्थ है कि धर्म मनुष्य को कल्याण के मार्ग पर अग्रसर करता है, क्षमा मानसिक शांति का सर्वोत्तम साधन है, विद्या ही वास्तविक संतोष का मूल आधार है और अहिंसा स्थायी सुख प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया:
एको धर्मः परं श्रेयः क्षमैका शान्तिरुत्तमा।
विद्यैका परमा तृप्तिरहिंसैका सुखावहा॥
एको धर्मः परं श्रेयः क्षमैका शान्तिरुत्तमा।
विद्यैका परमा तृप्तिरहिंसैका सुखावहा॥ pic.twitter.com/OPxUBuq67h
— Narendra Modi (@narendramodi) September 21, 2026
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पीके/केसी/बीयू/एसएस
एको धर्मः परं श्रेयः क्षमैका शान्तिरुत्तमा।
— Narendra Modi (@narendramodi) September 21, 2026
विद्यैका परमा तृप्तिरहिंसैका सुखावहा॥ pic.twitter.com/OPxUBuq67h