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प्रधानमंत्री ने रचनात्मक और साक्ष्य-आधारित वाद-विवाद के महत्व को रेखांकित करने वाला एक लेख साझा किया


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा लिखित एक लेख साझा किया है।

यह लेख इस दृष्टिकोण को दर्शाता है कि भारत ठोस, साक्ष्य-आधारित आलोचना का स्वागत करता है जो नीति को सुदृढ़ बनाती है और सुधारों की रक्षा करती है। यह इस बात पर बल देता है कि भारत की लोकतांत्रिक प्रगति में निराशावाद का कोई स्थान नहीं है और रचनात्मक वाद-विवाद के महत्व को रेखांकित करता है, जो नये वर्ष में वरदान साबित हो सकती है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लेख साझा करते हुए कहा;

भारत ठोस, साक्ष्य-आधारित आलोचना का स्वागत करता है जो नीति को सुदृढ़ करती है और सुधारों की रक्षा करती है। हमारे लोकतांत्रिक विकास में निराशावाद का कोई स्थान नहीं है! केंद्रीय मंत्री श्री @HardeepSPuri का यह लेख रचनात्मक वाद-विवाद को दर्शाता है जो इस नये वर्ष के लिए वरदान साबित हो सकता है।

इसे अवश्‍य पढ़ें!

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पीके/केसी/एसकेजे/वाईबी