पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीर सावरकर जी के जीवन से मिलने वाली शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मां भारती के परिश्रमी और समर्पित पुत्र वीर सावरकर जी के जीवन से हमें विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्पित रहने की शिक्षा मिलती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका साहस, संयम और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना देशवासियों का सदैव मार्गदर्शन करती रहेगी।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
मां भारती के कर्मठ सपूत वीर सावरकर जी के जीवन से हमें विपरीत परिस्थितियों में भी अपने संकल्प पर अडिग रहने की सीख मिलती है। उनका साहस, संयम और मातृभूमि के प्रति समर्पण का भाव सदैव देशवासियों का पथ प्रदर्शित करता रहेगा।
धीराः शोकं तरिष्यन्ति लभन्ते सिद्धिमुत्तमाम्।
धीरैः सम्प्राप्यते लक्ष्मीर्धैर्यं सर्वत्र साधनम्॥
“साहसी और दृढ़ निश्चयी व्यक्ति दुःख पर विजय प्राप्त करने और अपने जीवन में सफलता हासिल करने में सक्षम होते हैं। ऐसे व्यक्ति सम्पन्न और समृद्ध बनते हैं। इसलिए, धैर्य और साहस सदैव जीवन में सफलता प्राप्त करने के सर्वोत्तम साधन होते हैं।”
मां भारती के कर्मठ सपूत वीर सावरकर जी के जीवन से हमें विपरीत परिस्थितियों में भी अपने संकल्प पर अडिग रहने की सीख मिलती है। उनका साहस, संयम और मातृभूमि के प्रति समर्पण का भाव सदैव देशवासियों का पथ प्रदर्शित करता रहेगा।
धीराः शोकं तरिष्यन्ति लभन्ते सिद्धिमुत्तमाम्।
धीरैः… pic.twitter.com/zqe30DVSiR
— Narendra Modi (@narendramodi) February 26, 2026
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पीके/केसी/एसएस/वाईबी
मां भारती के कर्मठ सपूत वीर सावरकर जी के जीवन से हमें विपरीत परिस्थितियों में भी अपने संकल्प पर अडिग रहने की सीख मिलती है। उनका साहस, संयम और मातृभूमि के प्रति समर्पण का भाव सदैव देशवासियों का पथ प्रदर्शित करता रहेगा।
— Narendra Modi (@narendramodi) February 26, 2026
धीराः शोकं तरिष्यन्ति लभन्ते सिद्धिमुत्तमाम्।
धीरैः… pic.twitter.com/zqe30DVSiR