पीएमइंडिया
[
108KB ]
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज स्मार्ट सिटी पहल पर सरकारी अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। स्मार्ट सिटी के बारे में होने वाली विचार-विमर्श श्रृंखला का यह एक हिस्सा है।
प्रधानमंत्री ने शहरी विकास मंत्रालय से सभी केंद्रीय और राज्य शहरी विकास प्राधिकरणों की एक कार्यशाला जल्द से जल्द आयोजित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी पहल का एक उद्देश्य शहरी शासन की गुणवत्ता में सुधार करना होना चाहिए। इसके लिए देश की समावेशी शासन प्रक्रियाओं को अधिक से अधिक शक्ति प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में शहरी विकास से संबंधित कानूनों में सुधार लाने के बारे में ध्यान दिया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने उन मानदंडों की पहचान करने का आह्वान किया जिन्हें स्मार्ट शहरों के लिए लागू किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से मूल ढांचे के मूल तत्वों, जीवन की गुणवत्ता और नागरिक केंद्रित सेवाओं की पहचान करने के लिए कहा क्योंकि यह 21वीं सदी के शहरों के लिए आवश्यक होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शहरों की आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में पहचान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘अपशिष्ट से सम्पदा’ अर्थात ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अपशिष्ट जलशोधन पर ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि ये स्मार्ट शहरों के विकास के महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।
प्रधानमंत्री ने सरकारी अधिकारियों से स्मार्ट शहरों की योजना बनाते समय ‘शहरी’ जनसंख्या के साथ-साथ ‘शहरी निर्भर’ जनसंख्या का ध्यान रखने के लिए कहा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय, शहरी विकास मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारी भी उपस्थित थे।
Earlier today, chaired a high-level meeting on Smart City initiative & reviewed various aspects of the project. http://t.co/yiTL1egHH1
— Narendra Modi (@narendramodi) December 29, 2014