पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज तमिलनाडु के मदुरै में 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। मदुरै की पावन धरती पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन तमिलनाडु की विकास यात्रा में एक गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में कनेक्टिविटी का कायाकल्प करना, अर्थव्यवस्था को गति देना और युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर पैदा करते हुए लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। हाई-क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण मूल रूप से लोगों को सशक्त बनाने का माध्यम है। श्री मोदी ने रेखांकित किया कि, “इन विकास कार्यों का अर्थ है—किसानों के लिए बाजारों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए सुगम यात्रा और व्यवसायों के लिए तेज परिवहन की सुविधा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले बारह वर्षों में, भारत सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में महत्वपूर्ण निवेश किया है, जिसके तहत 2014 से अब तक चार हजार किलोमीटर से अधिक लंबे राजमार्गों का निर्माण किया गया है।” उन्होंने दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के शिलान्यास का उल्लेख किया—पहला, मरक्कनम-पुडुचेरी सेक्शन को चार-लेन का बनाने का कार्य करना, जिसमें तटीय पर्यटन और व्यापार को मजबूती देने के लिए 2,100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है और दूसरा, परमकुडी-रामनाथपुरम स्ट्रेच को चार-लेन का बनाने का कार्य। 1,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली इस दूसरी परियोजना से रामेश्वरम और धनुषकोडी जैसे स्थलों तक पहुंच काफी आसान हो जाएगी, जिससे तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा सुगम होगी और कृषि उपज व समुद्री उत्पादों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले एक दशक में, भारतीय रेलवे ने एक ऐतिहासिक बदलाव देखा है और यह एक आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित परिवहन प्रणाली के रूप में उभरकर सामने आया है। श्री मोदी ने कहा, “यह बदलाव विशेष रूप से तमिलनाडु में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जहाँ वर्तमान सरकार के कार्यभार संभालने के बाद से रेलवे बजट आवंटन में लगभग नौ गुना की वृद्धि हुई है।” प्रधानमंत्री ने आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि जहाँ 2009 से 2014 के बीच औसत वार्षिक बजट आवंटन मात्र 880 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 7,600 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि राज्य में 1,300 किलोमीटर से अधिक की नई रेल पटरियाँ बिछाई गई हैं, 97 प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है, और सैकड़ों फ्लाईओवर व अंडरपास के निर्माण से सुरक्षा और कुशलता में सुधार हुआ है। एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष नए पंबन ब्रिज के उद्घाटन के अपने सौभाग्य का उल्लेख किया और इसे भारत के पहले वर्टिकल ब्रिज के रूप में वर्णित किया।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान में 9 वंदे भारत और 9 अमृत भारत ट्रेनें तमिलनाडु के लोगों की सेवा कर रही हैं, जिनके कोच चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईएफसी) में निर्मित किए गए हैं। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ के दृष्टिकोण पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “यह आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रहा है और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है।” श्री मोदी ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के सतहत्तर (77) रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि उनमें सुविधा, सुगमता और स्थानीय पहचान का समावेश किया जा सके। इसी कड़ी में आज आठ पुनर्विकसित स्टेशनों का उद्घाटन किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि चेन्नई बीच-चेन्नई एग्मोर चौथी लाइन के लोकार्पण से हजारों दैनिक यात्रियों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने कुंभकोणम, येरकॉड और वेल्लोर में आकाशवाणी के नए एफएम रिले ट्रांसमीटरों का भी उद्घाटन किया और इन रेडियो स्टेशनों को जनता की सेवा में समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले दशक की तुलना में तमिलनाडु के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर वित्तपोषण में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने रेखांकित किया कि केंद्रीय बजट 2026 में राज्य पर इस मजबूत फोकस को बरकरार रखा गया है। उन्होंने बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के प्रस्तावों का विवरण साझा किया, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए पुरी तरह तैयार हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने बताया, “केंद्रीय बजट में तमिलनाडु को रेयर अर्थ कॉरिडोर का हिस्सा बनाया गया है, जिसका उद्देश्य उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देना है।”
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि तमिलनाडु का इतिहास और विरासत अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को ग्लोबल हेरिटेज डेस्टिनेशन (वैश्विक विरासत स्थलों) के रूप में विकसित किया जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि पुलिकट झील और पोधिगई मलई के आसपास इकोटूरिज्म की पहलों से जहाँ एक ओर प्राकृतिक इकोसिस्टम का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा, उन्होंने उल्लेख किया कि विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए देश भर में लगभग दो सौ इंडस्ट्रियल क्लस्टर की पहचान की जाएगी और उन्हें सहायता प्रदान की जाएगी। इस बात पर जोर देते हुए कि तमिलनाडु कई उद्योगों का केंद्र है, प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना से यहाँ के स्थानीय युवाओं को व्यापक लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक भारतीय 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित है। उन्होंने रेखांकित किया कि राष्ट्र के भाग्य को आकार देने में तमिलनाडु एक निर्णायक भूमिका निभाएगा। समावेशी विकास और राज्य की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उन्होंने इस संकल्प के साथ अपनी बात समाप्त की, “विकसित भारत के निर्माण के लिए तमिलनाडु का विकास हमारा सामूहिक लक्ष्य है।”
Speaking at the launch of various infrastructure works in Madurai. These will improve connectivity and significantly benefit the people across Tamil Nadu.
https://t.co/BtyKdVaZWM— Narendra Modi (@narendramodi) March 1, 2026
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Speaking at the launch of various infrastructure works in Madurai. These will improve connectivity and significantly benefit the people across Tamil Nadu.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 1, 2026
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