पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में अपने संबोधन की झलकियां साझा कीं। उन्होंने महिला-नेतृत्व वाले विकास और सशक्तिकरण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर पोस्ट की एक श्रृंखला में लिखा:
“नई दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में माताओं, बहनों और बेटियों के उत्साह और आत्मविश्वास ने नई ऊर्जा से भर दिया।”
नई दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में माताओं, बहनों और बेटियों के उत्साह और आत्मविश्वास ने नई ऊर्जा से भर दिया। pic.twitter.com/05DR8IeQI1
— Narendra Modi (@narendramodi) April 13, 2026
“वर्ष 2029 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने को लेकर विपक्ष की भावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है। 16 अप्रैल से संसद में इस पर होने वाली चर्चा में हमारा पूरा प्रयास है कि यह प्रक्रिया संवाद, सहयोग और सहभागिता से आगे बढ़े।”
वर्ष 2029 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने को लेकर विपक्ष की भावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है। 16 अप्रैल से संसद में इस पर होने वाली चर्चा में हमारा पूरा प्रयास है कि यह प्रक्रिया संवाद, सहयोग और सहभागिता से आगे बढ़े। pic.twitter.com/StTT3MUttb
— Narendra Modi (@narendramodi) April 13, 2026
“जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ती है तो व्यवस्थाओं में भी संवेदनशीलता आती है। जल जीवन मिशन सहित हमारी कई योजनाओं की सफलता इसका बड़ा उदाहरण है।”
जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ती है तो व्यवस्थाओं में भी संवेदनशीलता आती है। जल जीवन मिशन सहित हमारी कई योजनाओं की सफलता इसका बड़ा उदाहरण है। pic.twitter.com/dDwyDeZFi7
— Narendra Modi (@narendramodi) April 13, 2026
“गुजरात के खेड़ा जिले की एक पंचायत की महिला सदस्यों ने विकास को लेकर अपनी जो भावनाएं व्यक्त की थीं, उनसे पता चलता है कि जमीनी अनुभव से निकली वाणी कैसे वेद-वाक्य बन जाती है। इसके बारे में हर देशवासी को जरूर जानना चाहिए…”
गुजरात के खेड़ा जिले की एक पंचायत की महिला सदस्यों ने विकास को लेकर अपनी जो भावनाएं व्यक्त की थीं, उनसे पता चलता है कि जमीनी अनुभव से निकली वाणी कैसे वेद-वाक्य बन जाती है। इसके बारे में हर देशवासी को जरूर जानना चाहिए… pic.twitter.com/s9xMgnr3ac
— Narendra Modi (@narendramodi) April 13, 2026
माताओं-बहनों और बेटियों को और सशक्त बनाने के लिए हमने अपनी योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रयास किए हैं। इसके एक नहीं अनेक उदाहरण हैं…
माताओं-बहनों और बेटियों को और सशक्त बनाने के लिए हमने अपनी योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रयास किए हैं। इसके एक नहीं अनेक उदाहरण हैं… pic.twitter.com/kKqofeQiwv
— Narendra Modi (@narendramodi) April 13, 2026
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पीके/केसी/पीकेपी
नई दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में माताओं, बहनों और बेटियों के उत्साह और आत्मविश्वास ने नई ऊर्जा से भर दिया। pic.twitter.com/05DR8IeQI1
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वर्ष 2029 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने को लेकर विपक्ष की भावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है। 16 अप्रैल से संसद में इस पर होने वाली चर्चा में हमारा पूरा प्रयास है कि यह प्रक्रिया संवाद, सहयोग और सहभागिता से आगे बढ़े। pic.twitter.com/StTT3MUttb
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जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ती है तो व्यवस्थाओं में भी संवेदनशीलता आती है। जल जीवन मिशन सहित हमारी कई योजनाओं की सफलता इसका बड़ा उदाहरण है। pic.twitter.com/dDwyDeZFi7
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गुजरात के खेड़ा जिले की एक पंचायत की महिला सदस्यों ने विकास को लेकर अपनी जो भावनाएं व्यक्त की थीं, उनसे पता चलता है कि जमीनी अनुभव से निकली वाणी कैसे वेद-वाक्य बन जाती है। इसके बारे में हर देशवासी को जरूर जानना चाहिए… pic.twitter.com/s9xMgnr3ac
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माताओं-बहनों और बेटियों को और सशक्त बनाने के लिए हमने अपनी योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रयास किए हैं। इसके एक नहीं अनेक उदाहरण हैं… pic.twitter.com/kKqofeQiwv
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