प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल को भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग की नेशनल एटमॉस्फैरिक रिसर्च लैबोरेटरी (एनएआरएल) और जापान के क्योटो की क्योटो यूनिवर्सिटी के रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबिल ह्यूमनोस्फेयर (आरआईएसएच) के बीच 4 नवंबर 2020 और 11 नवंबर 2020 को सबंधित संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग एवं परस्पर आदान-प्रदान के लिए एक समझौता ज्ञापन पत्र पर हुए हस्ताक्षर की जानकारी दी गई।
उद्देश्य
‘पृष्ठभूमि’
एनएआरएल और आरआईएसएच वायुमंडलीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के साथ-साथ वैज्ञानिकों के परस्पर आदान-प्रदान में सहयोग करते रहे हैं। इस व्यवस्था को एक समझौता ज्ञापन पत्र के माध्यम से 2008 में गठित किया गया था। उपरोक्त समझौते ज्ञापन पत्र को 2013 में नवीनीकृत किया गया। दोनों पक्षों ने नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप सहयोगात्मक अनुसंधान को प्रोत्साहन देने के लिए एक नवीन समझौते ज्ञापन पत्र पर नवंबर 2020 में हस्ताक्षर किए और इनका आदान-प्रदान किया।
एनएआरएल के वैज्ञानिक आरआईएसएच द्वारा संचालित वायुमंडलीय रडार अंतर्राष्ट्रीय स्कूल में संसाधन व्यक्तियों के तौर पर कार्य करते हैं। क्योटो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और अनुसंधानकर्ताओं के एक दल ने एनएआरएल का दौरा किया और दोनों संस्थानों द्वारा संचालित किए जा रहे सहयोगात्मक अनुसंधान को और मजबूती प्रदान करने के लिए एक केंद्रित कार्यशाला का आयोजन किया।
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