पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने आज एनआईटी, आंध्र प्रदेश, जो कि आंध्र प्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम- 2001 के अंतर्गत एक सोसाइटी के तौर पर 20 अगस्त 2015 से पंजीकृत है, की स्थापना को पूर्वव्यापी अनुमति प्रदान कर दी है।
कैबिनेट ने राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान, विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान (संशोधन) विधेयक, 2016 नाम से एक विधेयक के प्रस्तुतीकरण को भी एनआईटी आंध्र प्रदेश की पहली अनुसूची में शामिल करने को अपनी संस्तुति प्रदान कर दी।
मंत्रिमण्डल द्वारा एनआईटी आंध्र प्रदेश को सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 2001 के अंतर्गत पूर्वव्यापी अनुमति प्रदान करने से एनआईटी, आंध्र प्रदेश को क़ानूनी दर्जा प्राप्त हो पाएगा। एनआईटीएसईआर क़ानून, 2007 में प्रस्तावित संशोधनों से संस्थान की प्रशासनिक एवं अकादमिक गतिविधियों में जनता के प्रति उच्च स्तरीय जवाबदेही और समस्त हिस्सेदारों की सहभागिता सुनिश्चित हो पाएगी।
यह संस्थान भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित होगा। इसका प्रबंधन एवं चालन आंध्र प्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रेशन क़ानून, 2001 के अंतर्गत पंजीकृत संबंधित सोसाइटी द्वारा किया जाएगा, जब तक यह एनआईटीएसईआर क़ानून, 2007 ते तहत न आ जाए। इसके खातों का अंकेक्षण भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा किया जाएगा एवं उसकी रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में रखी जाएगी।
पृष्ठभूमिः
एनआईटी, आंध्र प्रदेश को राज्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थापित किया जा रहा है। इस राज्य में अभी तक एनआईटी नहीं था। एनआईटी, आंध्र प्रदेश विशेषकर आंध्र प्रदेश राज्य व संपूर्णता में पूरे देश के लिए फायदेमंद होगा। एनआईटी, आंध्र प्रदेश को राष्ट्रीय प्रद्यौगिकी संस्थान, विज्ञान शिक्षा व शोध अधिनियम, 2007 के तहत संरक्षण प्राप्त होगा और इसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया जाएगा। यह तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करेगा।
एनआईटी, आंध्र प्रदेश का अस्थायी परिसर प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले में स्थापित किया गया था। आंध्र प्रदेश राज्य सरकार ने एनआईटी, आंध्र प्रदेश के लिए पश्चिमी गोदावरी जिले में जमीन भी दे दी है। सरकार की नीति के अनुरूप एनआईटी में 50 प्रतिशत सीटें संबंधित प्रदेश के निवासी योग्य अभ्यर्थियों के लिए होती है। एनआईटी, आंध्र प्रदेश यह सुनिश्चित करेगा कि आंध्र प्रदेश राज्य को अंतर-विषयी, ज्ञान क्षेत्र व शोध वातावरण में स्नातक, परास्नातक व डॉक्टरेट के स्तर पर शोध के लिए उचित अवसर मिल सके।
आंध्र प्रदेश मान्यता अधिनियम, 2014 के अनुच्छेद 13 (शिक्षा) के अनुसार भारत सरकार 12वीं व 13वीं योजना कार्यकाल में आंध्र प्रदेश राज्य में ‘राष्ट्रीय महत्व के संस्थान’ की स्थापना कर सकती है। जैसा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय आंध्र प्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 2001 के तहत अस्थायी परिसर में राष्ट्रीय प्रद्यौगिकी संस्थान, आंध्र प्रदेश की स्थापना कर चुकी है, इसे ध्यान में रखते हुए एनआईटी, आंध्र प्रदेश को मौजूदा अधिनियम में एक संशोधन के जरिये राष्ट्रीय प्रद्यौगिकी संस्थान, विज्ञान शिक्षा व शोध अधिनियम, 2007 के तहत लाया जाएगा। साथ ही शुरूआती 2-3 सालों या जब तक की एनआईटी, आंध्र प्रदेश का अपना स्थायी परिसर स्थापित नहीं हो जाता, तब तक के लिए एनआईटी, वारंगल इसका संरक्षक संस्थान होगा। एनआईटी, आंध्र प्रदेश के स्थायी परिसर के लिए स्थान का चयन पहले ही पश्चिमी गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुंडम मंडल के हवाई क्षेत्र में किया जा चुका है।