कार्यक्रम में उपस्थित एलजी श्री वी. के. सक्सेना जी, BRO और एयरपोर्ट अथॉरिटी के सभी वरिष्ठ अधिकारीगण, यूनियन टेरिटरी के सभी अधिकारीगण, अन्य महानुभाव, मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।
लद्दाख सी मी-मन्ग्स कुन्ला,जुले!”
आज लद्दाख की प्रगति और विकास में एक और अध्याय जुड़ रहा है। मुझे खुशी है कि, मैं टेक्नोलॉजी के माध्यम से इस अवसर का हिस्सा बन रहा हूँ। आज लद्दाख में कई अहम development projects का लोकार्पण हुआ है। इन परियोजनाओं से कई लोगों का सफर आसान होगा, कहीं बिजली की सुविधाएं बेहतर होंगी, कहीं पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, और हमारी प्राचीन विरासत के संरक्षण को भी नई ताकत मिलेगी। अभी मैं देख रहा था, ज़ान्स्कर में बर्फ भी गिर रही थी, और मैं देख रहा था कि, ज़ान्स्कर के लोगों का उत्साह, जब बर्फ गिर रही है, तब भी तिरंगा लहराने का उनका उमंग, उत्साह।
साथियों,
ये है मेरा लेह, लद्दाख। मैं इन परियोजनाओं के लिए लद्दाख के सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। मैं इन प्रोजेक्ट्स में लगे सभी इंजीनियरों, श्रमिकों और स्थानीय साथियों को भी बधाई देता हूँ। मैं BRO के साथियों की भी विशेष सराहना करता हूँ।
साथियों,
कुछ समय पहले मैंने लेह के कुशोक बकुला रिनपोछे एयरपोर्ट, terminal building का शिलान्यास किया था। और ये मेरा सौभाग्य है कि, आज मुझे ही इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का लोकार्पण करने का सौभाग्य भी मिला है। करीब साढ़े छह सौ करोड़ रुपए की लागत से बना ये टर्मिनल, इससे एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता 10 लाख से बढ़कर 35 लाख हो जाएगी। यहाँ उड़ानों की संख्या भी तीन गुना तक बढ़ सकती है। इस टर्मिनल की एक और विशेषता है। लद्दाख की कठिन जलवायु को ध्यान में रखते हुए, इसमें जियोथर्मल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। सौर ऊर्जा का भी उसमें उपयोग हुआ है। भारत में जियोथर्मल हीटिंग की सुविधा वाला, ये देश का पहला एयरपोर्ट टर्मिनल है। बधाई हो आप सबको। हमारा प्रयास है कि लद्दाख में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, और यहाँ के पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा जाए। इस एयरपोर्ट टर्मिनल से लद्दाख में टूरिज्म सेक्टर को भी नई एनर्जी मिलेगी। मैं इस आधुनिक एयरपोर्ट टर्मिनल के लिए सभी लद्दाख के मेरे भाइयों-बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।
साथियों,
आज जिन अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है, उनका भी बहुत महत्व है। आज निम्मू–पदुम–दारचा सड़क, लद्दाख के लोगों को समर्पित की गई है। इस पर करीब ढाई हजार करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। जिस सफर में पहले करीब 12 घंटे लगते थे, अब वो लगभग 3 घंटे में पूरा हो सकेगा। यानी, इससे यात्रा का समय तो बचेगा ही, इस रोड से व्यापार और कारोबार को भी बहुत मदद मिलेगी।
साथियों,
पहले मुझे श्रीनगर से लेह को जोड़ने वाली पावर ट्रांसमिशन लाइन के शिलान्यास और लोकार्पण का सौभाग्य मिला था। आज हानू की जलविद्युत परियोजना और उससे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइन का भी लोकार्पण हुआ है। हम सभी जानते हैं कि, बिजली की भरोसेमंद व्यवस्था से रोशनी तो आती है, लेकिन रोशनी से सिर्फ घर नहीं, जीवन भी रोशन हो जाता है, जीवन में एक बड़ा बदलाव आता है। गांवों में कितने नए काम संभव हो जाते हैं। बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाएं, स्थानीय लोगों के छोटे-छोटे कारोबार, हर क्षेत्र में इसका लाभ मिलेगा। पुगा वैली में भी आधुनिक तकनीक से बिजली बनाने की परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है।
साथियों,
आज प्रोजेक्ट अमृत हिम सरोवर के तहत बने 40 जलाशय भी लद्दाख के लोगों को समर्पित किए गए हैं। इनसे किसानों को जरूरत के समय सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
साथियों,
हमेशा से ये कहा जाता है कि, लद्दाख में प्रकृति के कारण जीवन बहुत मुश्किल होता है। प्राकृतिक वातावरण के अपने चैलेंज होते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसी परिस्थितियों के बावजूद, पहले की सरकारों ने लद्दाख के विकास को प्राथमिकता नहीं दी। लेकिन आज, केंद्र सरकार के लिए लद्दाख का विकास बहुत बड़ी प्राथमिकता है। केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद से यहाँ विकास की जरूरतों पर और भी अधिक ध्यान दिया गया है। 2019 तक लद्दाख में करीब 1800 किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क था, आज ये बढ़कर 4 हजार किलोमीटर से अधिक हो गया है। पहले यहाँ उन्नीस बड़े पुल थे, आज इनकी संख्या करीब पिचहत्तर हो गई है। हेलीपैड की संख्या भी सात से बढ़कर चालीस से ज्यादा हो गई है। पहले लद्दाख के करीब साढ़े तीन प्रतिशत घरों में ही नल से जल पहुंचता था, आज लगभग 99 percent, 99 प्रतिशत घरों तक नल से जल की सुविधा पहुंच चुकी है। लद्दाख के अस्पतालों में बेड्स की संख्या भी बढ़कर दोगुनी हो चुकी है। इसके साथ ही, जोजिला टनल जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर भी काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके पूरा होने से लद्दाख को देश के दूसरे हिस्सों से साल भर बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
साथियों,
केंद्र सरकार का जोर लद्दाख में समृद्धि की नई संभावनाएं विकसित करने पर भी है। आज लद्दाख में पर्यटन के अवसर भी बढ़ रहे हैं। यहाँ विंटर टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने और हमने जो वाइब्रेंट विलेज अभियान के तहत लद्दाख के 40 से ज्यादा सीमावर्ती गांवों को विकसित किया जा रहा है, और हम उसको पहला गांव कहते हैं। इससे दूर-सुदूर के गांवों में भी रोजगार के अवसर बन रहे हैं।
साथियों,
पहले लद्दाख में डेढ़ सौ के आस-पास ही होमस्टे थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 3 हजार हो गई है। लद्दाख में ग्रीनहाउस खेती को भी लगातार बढ़ावा दिया गया है। आज लद्दाख में 11 हजार ग्रीनहाउस हैं। इनसे किसानों की आय बढ़ने की नई संभावनाएं बनी हैं।
साथियों,
लद्दाख में हाईकोर्ट बेंच की मांग भी लंबे समय से की जा रही थी। इसे भी हमारी सरकार ने ही पूरा किया है। इसी साल अगस्त में, लद्दाख में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इससे प्रशासन के साथ-साथ न्याय व्यवस्था भी सुगम बनेगी।
साथियों,
आज डिजिटल टेक्नोलॉजी से भी कई नए अवसर करीब आ रहे हैं। होटल, रेस्टोरेन्ट, होमस्टे हों या लोकल प्रॉडक्ट्स हों, आज ऑनलाइन बिज़नेस आय के नए रास्ते खोल रहा है। इसीलिए, हमने लद्दाख और दूर-दराज के क्षेत्रों में भारत नेट और हाई-स्पीड इंटरनेट का विस्तार किया है। सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान हो, युवा ऑनलाइन पढ़ाई कर सकें, और स्थानीय उद्यमी देश-दुनिया के बाजारों से जुड़ सकें, इसके लिए भी लगातार काम हो रहा है।
साथियों,
हमारा विशेष ध्यान लद्दाख की नई पीढ़ी पर है। यहाँ के युवाओं को अच्छी शिक्षा मिले, नई टेक्नोलॉजी सीखने का अवसर मिले, और उन्हें दूसरे शहरों पर निर्भर ना रहना पड़े। लेह में इसलिए एक बड़ा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन रहा है। आईआईटी जम्मू और आईआईएम जम्मू के सैटेलाइट कैंपस स्थापित करने के प्रस्ताव भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इनसे उच्च शिक्षा, रिसर्च और नई स्किल्स के लिए लद्दाख के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
साथियों,
लद्दाख में खेलों की भी बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। यहाँ के युवाओं ने आइस हॉकी, विंटर स्पोर्ट्स और पर्वतारोहण, जैसे क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बनाई है। मुझे खुशी है कि लद्दाख में नई स्पोर्ट्स पॉलिसी के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि यहाँ के युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और सुविधाएं मिलें, और वो राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल करें।
साथियों,
लद्दाख में आप सभी अपने परिश्रम से जो प्रॉडक्ट बनाते हैं, वो बेहतरीन होते हैं। आप तो जानते ही हैं, मैं जब विदेशी मेहमानों से मिलता हूँ, तो अक्सर लद्दाख में बनी चीजें उन्हें उपहार में देता हूँ, और उन्हें आपके बारे में भी जरूर बताता हूँ। मैंने जर्मनी की चांसलर को, स्वीडन के प्रधानमंत्री को और किरगिस्तान के राष्ट्रपति जी को लद्दाख में बने प्रॉडक्ट उपहार में दिए हैं। यहाँ की पश्मीना, सी-बकथॉर्न और लोकल हैंडीक्राफ्ट्स, खुबानी जैसे फल, इनमें व्यापार का कितना बड़ा potential जुड़ा है। और इसलिए ही, हमने लद्दाख की खुबानी को जीआई टैग दिया। आज इसकी दुनिया भर में डिमांड बढ़ रही है। हमारा प्रयास है, यहाँ के उत्पादों को नए बाजार मिलें, उनकी बेहतर ब्रांडिंग हो, और उनका लाभ सीधे उत्पादकों तक पहुंचे। हमारा विशेष ध्यान चांगपा समुदाय के पशुपालकों पर भी है। उनकी मेहनत और पारंपरिक हुनर से जुड़ी पश्मीना की पहचान को और मजबूत किया जा रहा है। लद्दाख में अब ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फूलों की व्यावसायिक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
साथियों,
लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत हमारे देश की अनमोल धरोहर है। यहाँ के प्राचीन मठ, बौद्ध परंपराएं, और यहाँ के उत्सव, इन्हें संजोना और अगली पीढ़ी के लिए सुरक्षित करना हमारा सामूहिक दायित्व है। इस दिशा में पूज्य कुशोक बकुला रिनपोछे जी, उनका योगदान हम सभी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। हमारी सरकार की कोशिश है कि, दुनियाभर के लोग लद्दाख की संस्कृति और परंपराओं से परिचित हों। इसी मिशन को आगे रखकर आज लेह में भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का लोकार्पण हुआ है। इससे लद्दाख की इस प्राचीन विरासत को सहेजने के प्रयासों को और बल मिलेगा। हमारी आने वाली पीढ़ियां अपनी इस विरासत को जान सकेंगी, और दुनिया से आने वाले लोग भी लद्दाख के समृद्ध इतिहास से परिचित हो सकेंगे।
साथियों,
मुझे विश्वास है, हम सब साथ मिलकर लद्दाख को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। इसी के साथ, आप सभी को एक बार फिर विकास के अनेक कार्यों के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।
बहुत-बहुत धन्यवाद। जुले!
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MJPS/SS/KP/RK
A big day for Ladakh! Projects worth around Rs. 3,350 crore are set to give the region's development fresh momentum. https://t.co/ADbqwCGmiS
— Narendra Modi (@narendramodi) October 15, 2026
आज लद्दाख में कई अहम development projects का लोकार्पण हुआ है। इन परियोजनाओं से कहीं लोगों का सफर आसान होगा, कहीं बिजली की सुविधाएं बेहतर होंगी, कहीं पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और हमारी प्राचीन विरासत के संरक्षण को भी नई ताकत मिलेगी: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) October 15, 2026
हमारा विशेष ध्यान लद्दाख की नई पीढ़ी पर है। यहां के युवाओं को अच्छी शिक्षा मिले, नई technology सीखने का अवसर मिले और उन्हें दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। लेह में इसलिए एक बड़ा centre of excellence बन रहा है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) October 15, 2026
लद्दाख में नई sports policy के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि यहां के युवाओं को बेहतर training और सुविधाएं मिलें और वो राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल करें: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) October 15, 2026