प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्थायी सफलता प्राप्त करने में दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयासों के महत्व को रेखांकित करने वाले एक संस्कृत सुभाषित को साझा किया।
सुव्याहृतानि धीराणां फलतः परिचिन्त्य यः।
अध्यवस्यति कार्येषु चिरं यशसि तिष्ठति॥
इस सुभाषित का तात्पर्य है कि जो व्यक्ति विद्वानों के विवेकपूर्ण परामर्शों के परिणामों पर विचार करने के साथ-साथ दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के साथ अपने कर्म में संलग्न रहता है, वह स्थायी सफलता प्राप्त करता है और इतिहास में भी अपना अमिट स्थान बनाता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर यह संदेश साझा किया:
सुव्याहृतानि धीराणां फलतः परिचिन्त्य यः।
अध्यवस्यति कार्येषु चिरं यशसि तिष्ठति॥
सुव्याहृतानि धीराणां फलतः परिचिन्त्य यः।
अध्यवस्यति कार्येषु चिरं यशसि तिष्ठति॥ https://t.co/3RvwoZcqSH
— Narendra Modi (@narendramodi) November 2, 2026
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सुव्याहृतानि धीराणां फलतः परिचिन्त्य यः। अध्यवस्यति कार्येषु चिरं यशसि तिष्ठति॥ https://t.co/3RvwoZcqSH
— Narendra Modi (@narendramodi) November 2, 2026