ಪಿಎಂಇಂಡಿಯಾ
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ದೇಶವನ್ನು ಉದ್ದೇಶಿಸಿ ಮಾಡಿದ ತಮ್ಮ ಭಾಷಣದ ಕೆಲವು ತುಣುಕುಗಳನ್ನು ಹಂಚಿಕೊಂಡಿದ್ದಾರೆ.
ಎಕ್ಸ್ ನಲ್ಲಿ ಮಾಡಿದ ಹಲವು ಪೋಸ್ಟ್ಗಳ ಸರಣಿಯಲ್ಲಿ ಶ್ರೀ ಮೋದಿ ಅವರು ಹೀಗೆ ಹೇಳಿದ್ದಾರೆ ;
“महिला आरक्षण का विरोध करके विपक्षी दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। देश की नारी शक्ति के स्वाभिमान और आत्मसम्मान पर चोट करने वाले अब माताओं-बहनों और बेटियों के आक्रोश से बच नहीं पाएंगे।”
“नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ा संशोधन भारतवर्ष की नारी को नई उड़ान देने का महायज्ञ था। लेकिन कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी और DMK जैसे दलों ने इसकी भ्रूणहत्या कर दी।”
“मुझे व्यक्तिगत तौर पर आशा थी कि महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस अपने पापों का प्रायश्चित करेगी। लेकिन उसने एक बार फिर इस अवसर को खो दिया।”
“नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है- परिवारवादी पार्टियों का डर! उन्हें लगता है कि महिलाएं सशक्त हो गईं, तो उनका नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा।”
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महिला आरक्षण का विरोध करके विपक्षी दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। देश की नारी शक्ति के स्वाभिमान और आत्मसम्मान पर चोट करने वाले अब माताओं-बहनों और बेटियों के आक्रोश से बच नहीं पाएंगे। pic.twitter.com/bEvWmYIlQo
— Narendra Modi (@narendramodi) April 18, 2026
नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ा संशोधन भारतवर्ष की नारी को नई उड़ान देने का महायज्ञ था। लेकिन कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी और DMK जैसे दलों ने इसकी भ्रूणहत्या कर दी। pic.twitter.com/EOH9dG0iI9
— Narendra Modi (@narendramodi) April 18, 2026
मुझे व्यक्तिगत तौर पर आशा थी कि महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस अपने पापों का प्रायश्चित करेगी। लेकिन उसने एक बार फिर इस अवसर को खो दिया। pic.twitter.com/4xPgXQONV0
— Narendra Modi (@narendramodi) April 18, 2026
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है- परिवारवादी पार्टियों का डर! उन्हें लगता है कि महिलाएं सशक्त हो गईं, तो उनका नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। pic.twitter.com/Y6nDnN6swS
— Narendra Modi (@narendramodi) April 18, 2026