نئی دہلی،19؍نومبر، وزیراعظم جناب نریندر مودی نے آج سلطان پور ، گروگرام ، ہریانہ میں مغربی مضافاتی ایکسپریس وے کے تحت کنڈلی – مانیسر سیکشن کا افتتاح کیا جو کنڈلی- مانیسر- پلول (کے ایم پی) کا حصہ ہے۔ انہوں نے اس موقع پر بلبھ گڑھ- مجیسر میٹرو لنک کا بھی افتتاح کیا اور شری وشو کرما اسکل یونیورسٹی کا سنگ بنیاد بھی رکھا۔
اس موقع پر بڑی تعداد میں موجود حاضرین سے خطاب کرتے ہوئے وزیراعظم نے کہا کہ ایکسپریس وے اور میٹرو کنکٹی ویٹی ہریانہ میں نقل وحمل کا ایک انقلاب متعارف کرائے گی۔ انہوں نے اس خطے کے نوجوان شری وشو کرما اسکل یونیورسٹی سے زبردست استفادہ حاصل کریں گے۔
وزیراعظم نے کہا کہ مرکزی حکومت نے اس امر کو یقینی بنایا تھا کہ کے ایم پی ایکسپریس وے پروجیکٹ ترجیحاتی بنیادوں پر پایہ تکمیل تک پہنچ جائے۔ انہوں نے کہا کہ ایکسپریس وے دہلی اور گرد نواح کے علاقوں میں کثافت کو کم کرنے میں ایک اہم کردار ادا کرے گا۔ انہوں نے کہا کہ اس کے ذریعے زندگی بسر کرنا آسان ہوگا اور ماحولیات دوست سفر کرنا بھی ممکن ہوسکے گا۔
نقل وحمل سے مربوط کنکٹی وٹی کی اہمیت اجاگر کرتے ہوئے وزیراعظم نے کہا کہ یہ خوشحالی ، اختیار کاری اور رسائی حاصل کرنے کا ایک ذریعہ ہے۔ انہوں نے مزید کہا کہ شاہراہوں ، میٹرو اور آبی راستوں کا ایکو نظام جو وضع کیا جارہا ہے، وہ اپنے طور پر روزگار کے مواقع فراہم کرائے گا، خصوصا مینوفیکچرنگ ، تعمیرات اور خدمات کے شعبوں میں روزگار فراہم ہوں گے۔ انہوں نے کہا کہ موجودہ وقت میں 27 کلو میٹر کی شاہراہیں یومیہ بنیاد پر تعمیر ہورہی ہیں، جبکہ 2014 میں اس کے مقابلے میں محض 12 کلو میٹر یومیہ شاہراہیں تعمیر ہوا کرتی تھیں۔ انہوں نے کہا کہ اس سے ظاہر ہوتا ہے کہ مرکزی حکومت کا نظریہ اور اس کی قوت ارادی پورے بھارت کو تبدیلی سے ہمکنار کرنے کی اہل ہوتی ہے۔
وزیراعظم نے کہا کہ حکومت ملک کے نوجوانوں کی توقعات اور آرزوؤں کو پایہ تکمیل تک پہنچانے کے لئے پابند عہد ہے۔ انہوں نے امید ظاہر کی کہ شری وشو کرما اسکل یونیورسٹی نوجوانوں کو ہنر مند بنانے میں ایک اہم کردار ادا کرے گی اور وہ اس کے ذریعے نئے مواقع سے استفادہ کرسکیں گے۔
وزیراعظم نے مرکزی حکومت کے ویژن کے نفاذ کے سلسلے میں ریاستی حکومت کی کوششوں کی ستائش کی۔ انہوں نے ملک کے تئیں ہریانہ کے نوجوانوں، خصوصا کھیل کود کے شعبے میں ان کے تعاون کی ستائش کی۔
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अभी कुण्डली- मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे को देश को समर्पित करने का मौका मिला है।
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इसका पहला चरण 2 वर्ष पहले पूरा हो गया था।
दूसरा चरण, जो कुण्डली से मानेसर तक, 83 किलोमीटर लंबा है, उसका आज लोकार्पण किया गया है।
इसके साथ ही अब 135 km का ये एक्सप्रेसवे पूरा हो गया है: PMA
इसके साथ ही करीब 500 करोड़ की लागत से बनी बल्लभगढ़ मुजेसर मेट्रो लाइन की शुरुआत भी हो गई है।
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ये दोनों योजनाएं जहां कनेक्टिविटी को लेकर इस क्षेत्र में नई क्रांति लाएंगी,
वहीं श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के जरिए यहां के युवाओं को नई ताकत मिलेगी: PM
आज का ये अवसर दो तस्वीरों को याद करने का भी है।
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एक तस्वीर वर्तमान की है।
ये तस्वीर भाजपा सरकारों की कार्यसंस्कृति की है, हमारे काम करने के तरीके की है।
वहीं दूसरी तस्वीर हमें पहले की सरकार के समय में कैसे काम होता था, इसकी याद दिलाती है: PM
वो तस्वीर याद दिलाती है कि इस एक्सप्रेसवे पर 12 साल से काम चल रहा था।
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वो तस्वीर याद दिलाती है कि ये एक्सप्रेसवे आपको 8-9 साल पहले ही मिल जाना चाहिए था।
लेकिन ऐसा हुआ नहीं.. पहले की सरकारों के जो तौर-तरीके थे, उसने इस एक्सप्रेसवे को पूरा होने में 12 साल लगा दिए: PM
इस एक्सप्रेस-वे का इस्तेमाल कामनवेल्थ गेम्स में होना था। लेकिन कामनवेल्थ खेल जो गति की गई, वही कहानी इस एक्सप्रेस वे की भी है।
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मुझे ध्यान है कि जब प्रगति की बैठकों में मैंने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करनी शुरु की थी, तो कितने सारे पेंच पता चले थे: PM
पहले की सरकार में जिस तरह काम हुआ, वो एक केस स्टडी है कि कैसे जनता के पैसे को बर्बाद किया जाता है।
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जब ये प्रोजेक्ट शुरू हुआ था, तो अनुमान लगाया गया था कि इस पर 1200 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
आज इतने वर्षों की देरी की वजह से इसकी लागत बढ़कर 3 गुना से ज्यादा हो गई: PM
ये एक्सप्रेसवे, दिल्ली और आसपास के इलाके में प्रदूषण को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
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एक तरह से देखें, तो ये एक्सप्रेसवे
Economy
Environment
Ease of Travelling के साथ ही
Ease of living की सोच को भी गति देगा: PM
लोग वहीं हैं, काम करने वाले वही हैं, लेकिन जब इच्छाशक्ति हो, संकल्पशक्ति हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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यही वजह है कि जहां साल 2014 से पहले देश में एक दिन में सिर्फ 12 किलोमीटर हाईवे बनते थे, आज लगभग 27 किलोमीटर हाईवे का प्रतिदिन निर्माण हो रहा है: PM
किसी भी क्षेत्र में बढ़ती हुई कनेक्टिविटी, अपने साथ, रोजगार के नए अवसर भी लेकर आती है।
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ये हाईवे का बनना, मेट्रो या रेल का बनना, जल मार्ग का विकसित होना, एक पूरा इकोसिस्टम बनाता है।
इस का फायदा, ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन से लेकर मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर तक को होता है: PM
ये सरकर देश में कारोबारियों को ताकत देना चाहती है, युवाओं को गति देना चाहती है।
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युवाओं को इनोवेशन से इंडस्ट्री की दिशा में आगे बढ़ा रही है। उनके कांसेप्ट को कैपिटल की कमी न हो इसका ध्यान रख रही है।
स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया योजनाएं इसी सोच के साथ चल रहीं हैं: PM
केंद्र सरकार के विजन को आगे बढ़ाने में हरियाणा ने पूरा सहयोग दिया है।
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बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ योजना और खेलो इंडिया की सफलता इसका बड़ा उदाहरण हैं।
खेलों में देश के लिए सबसे ज्यादा मेडल यहां के ही बेटी और बेटे ही ला रहे हैं।
हरियाणा के युवाओं का डंका पूरे दुनिया में बजा है: PM