PMINDIA
Selamat malam!
नमस्कार!
वणक्कम्!
सत श्री अकाल!
जय झूले लाल!
केम-छो?
आजकल दुनिया में फुटबॉल फीवर चल रहा है। यहां इंडोनेशिया में भी फुटबॉल की दीवानगी जबरदस्त है। और आप सभी वो एनर्जी वो जोश यहां भी ले आए हैं।
और एक गजब संयोग बना है। शायद आपने भी नोटिस किया होगा। लेकिन मैं उसका जिक्र करना चाहता हूँ। मैं जब भी इंडोनेशिया आया हूं फीफा वर्ल्ड कप का तूफान छाया होता है। पहली बार 2018 में जकार्ता में कार्यक्रम हुआ था। फिर हम 2022 में बाली में मिले थे। और अब 2026 में फिर से जकार्ता में ये संवाद हो रहा है। तीनों बार इंडोनेशिया में फुटबॉल की गूंज रही है।
लेकिन साथियों,
इंडोनेशिया में यहां इन तीनों कार्यक्रमों का मैन ऑफ द मैच एक ही है, इंडोनेशिया में रहने वाले आप सभी लोग। आप सभी लोग मैन ऑफ द मैच हैं।
आपने इतना भव्य आयोजन किया है। आप भव्य भारत की जीती-जागती तस्वीर बने हैं। यहां इतने सारे लोग साथ आए हैं। और साथियों, इस बार मैं अकेला नहीं आया हूं। इस बार, मेरे साथ मेरे परम मित्र प्रेसिडेंट प्रबोवो भी मेरे साथ आए हैं।
आज अपनी बात शुरू करने से पहले मैं उनके स्नेह के लिए उनके शब्दों के लिए प्रेसिडेंट प्रबोवो का हृदय से बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूं।
Excellency,
You are a true friend of India. Thank you for being here !!!
साथियों,
कल जब मैंने इंडोनेशिया के आकाश में प्रवेश किया और जब यहां पहला कदम रखा तब से लेकर अभी तक जो अपनापन जो प्रेम मुझे इंडोनेशिया के लोगों से मिला है उसके लिए मेरे पास शब्द कम पड़ गए हैं। प्रेसिडेंट प्रबोवो द्वारा अपने मंत्रिपरिषद के साथियों के साथ एयरपोर्ट पर मुझसे मिलने के लिए आना एक यादगार अनुभव रहा।
इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति के प्रति जो प्रेम है, उसकी एक झलक आज मुझे राष्ट्रपति भवन में भी दिखाई दी। यहां के लोगों का उत्साह, बच्चों की मुस्कान, युवाओं का जोश, ये सब कुछ अवर्णनीय था, अद्भुत था। मैं जहां-जहां गया, जिस किसी से मिला, हर चेहरे पर भारत के प्रति प्रेम, सम्मान और आत्मीयता साफ दिखाई दी।
साथियों,
वैसे मैंने देखा, यहाँ भारत का गाना, कुछ कुछ होता है बहुत ही लोगप्रिय है। आज मैंने President Prabowo … इस पर कहा, की जब भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं, तोह कुछ कुछ से भी आगे बढ़कर बहुत कुछ होता है।
साथियों,
आज सुबह ही मुझे इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करने का भी सौभाग्य मिला। ये 140 करोड़ भारतीयों का यश है ये भारतीय समुदाय के आप सभी साथियों का सम्मान है और सबसे बड़ी बात ये पुरस्कार, इंडोनेशिया और भारत की घनिष्ठ मित्रता का एक और प्रतीक है। मैं इस मंच से भी राष्ट्रपति प्रबोवो, इंडोनेशिया की सरकार और यहां की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
Friends,
पिछले साल 26 जनवरी को भारत ने अपना गणतंत्र दिवस धूम-धाम से मनाया था। छब्बीस, 2 और 6 = … और मेरे मित्र का जन्मदिन भी 17 है, 1 + …
उस समारोह में, प्रेसिडेंट प्रबोवो चीफ गेस्ट के रूप में आए थे। उस यात्रा के दौरान, हमें कई विषयों पर विस्तार से चर्चा करने का अवसर मिला। लेकिन उस यात्रा की एक बात, मैं आज खास तौर पर याद करना चाहता हूं। और इस बात को बड़े गौरवपूर्वक राष्ट्रपतिजी ने यहाँ भी बड़े शांत से उल्लेख किया।
मिस्टर प्रेसिडेंट, आपने उस समय कहा था, और आज फिर से कहा, कि आपमें इंडिया का DNA है। आज भी मैंने देखा सब से ज़्यादा तालियां उसी समय पडी। और भारत में भी करोड़ों करोड़ों भारतवासियों का दिल आपने जीत लिया है। उस एक वाक्य ने भारतीयों के दिलों को छू लिया था।
मैं आपकी ही उस बात को आगे बढ़ाता हूं जिस DNA की बात आपने की थी वो म्यूचुअल ट्रस्ट से बना है। वो DNA साझी विरासत से बना है, वो DNA साझा स्मृतियों से बना है। वो DNA उन समुद्री हवाओं से बना है जिन्होंने हजारों वर्षों तक हमारे जहाज़ों को एक-दूसरे के तटों तक पहुँचाया।
साथियों,
भारत-इंडोनेशिया संबंधों का DNA उन संतों और बौद्ध भिक्षुओं से बना है जिन्होंने ज्ञान को सीमाओं में नहीं बाँधा। यह उन उद्यमियों से बना है जिन्होंने केवल मसालों का व्यापार ही नहीं किया बल्कि संस्कृतियों के सेतु भी बनाए। इस DNA को उन कलाकारों ने गढ़ा है जिन्होंने रामायण और महाभारत को अपनी-अपनी भाषा में जीया, लेकिन उनकी आत्मा को एक ही रखा।
भारत-इंडोनेशिया के संबंधों को इंडोनेशिया के जिंदादिल नागरिकों ने यहां बैठे अनेक परिवारों ने सींचा है संवारा है हमेशा समृद्ध किया है।
साथियों,
दुनिया में अक्सर दो देशों के रिश्ते Agreements और MoUs से आगे बढ़ते हैं। कई देश, रणनीति से जुड़ते हैं तो कुछ ट्रेड से नजदीक आते हैं। लेकिन भारत और इंडोनेशिया का रिश्ता, सभ्यताओं का है, सागर का है।
साम्राज्य आए, साम्राज्य चले गए, समुद्री रास्ते बदले, दुनिया की राजनीति बदली लेकिन भारत और इंडोनेशिया के बीच यह सूत्र हमेशा कायम रहा। और यही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।
साथियों,
आज दुनिया Connectivity की बात करती है। लेकिन हमारे पूर्वजों ने तो इस Connectivity को जीकर दिखाया था। आज दुनिया की सप्लाई चेन्स, भरोसे के अभाव में टूट रही हैं, लेकिन भारत और इंडोनेशिया ने उस समय सप्लाई चेन का भरोसा जिंदा किया था जब ग्लोबल सप्लाई चेन की चर्चा भी नहीं थी।
और मुझे खुशी है कि आज भारत और इंडोनेशिया उसी भरोसे की पूंजी के साथ मिलकर एक नया फ्यूचर लिख रहे हैं। और इस शानदार फ्यूचर के बहुत बड़े लाभार्थी आप सभी लोग हैं, इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय हैं।
साथियों,
आजकल सोशल मीडिया का जमाना है और सोशल मीडिया के ज़माने में कोलैब की बड़ी चर्चा होती है। लेकिन भारत और इंडोनेशिया तो सदियों से कोलैब करते आए हैं।
इंडोनेशिया के कुताई में पुराने संस्कृत शिलालेखों की वजह ये कोलैब ही रहा। नालंदा यूनिवर्सिटी में यहां के स्कॉलर्स के पहुंचने की वजह ये कोलैब ही तो था।
कटक का बाली जात्रा उत्सव हो, महानदी में केले के तनों से बनी नावों को चलाने की परंपरा हो, वयांग कुलित में महाभारत का मंचन हो, वैसाक Pilgrimage हो, या देवी–श्री की पूजा हो, हर परंपरा में, भारत और इंडोनेशिया का ये कोलैब साफ साफ दिखाई देता है।
साथियों,
भारत और इंडोनेशिया के कोलैब का ये इतिहास जितना पुराना है उतना समृद्ध भी है। सुमात्रा का मुआरो जाम्बी, प्राचीन काल में नालंदा का एक सिस्टर इंस्टीट्यूशन हुआ करता था। मुझे बहुत संतोष है कि अतीत की उसी ट्रेडिशन को आज हम रिवाइव कर रहे हैं।
आप सभी जानते ही हैं अब नालंदा यूनिवर्सिटी नए अवतार में सामने आई है। और वहां, इंडोनेशिया के भी अनेक स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया है। यानि 21वीं सदी में, अतीत की प्रेरणा से हम दोनों देश एक नए भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं।
साथियों,
भारत और इंडोनेशिया दिल से भी करीब हैं और भूगोल से भी निकट के पड़ोसी हैं। भारत के ग्रेट निकोबार द्वीप से इंडोनेशिया के आचे की दूरी लगभग 150 किलोमीटर है। सोचिए भारत के एक द्वीप से इंडोनेशिया, भारत के राज्यों से भी ज़्यादा करीब है।
इंडोनेशिया में आने वाले हर भारतीय को यहां अपनापन महसूस होता है। यही कारण है कि वर्षों से हमारे दोनों देश ट्रेड, ट्रेडिशन, टूरिज्म के माध्यम से एक दूसरे के साथ जुड़कर हमारे रिश्तों की लीगेसी को आगे बढ़ा रहे हैं।
आज जब भारत नए पोर्ट्स बना रहा है, नए शिप्स पर काम कर रहा है, नए सी-रूट्स को एक्सप्लोर कर रहा है, नई पार्टनरशिप्स के माध्यम से मैरिटाइम ट्रेड को आगे बढ़ा रहा है ऐसे समय में इंडोनेशिया हमारे लिए फेवरेट फ्रेंड बनकर हमारे साथ उपस्थित है।
साथियों,
इंडोनेशिया हो या फिर भारत हम दोनों ही देश विकास के लिए अधीर हैं। हमारे पास ना रुकने का मौका है ना थमने का। इंडोनेशिया की प्रगति के बारे में यहां अभी कुछ भारतीयों ने बताया है, हिंदुस्तान से मैं भी आपके लिए भारत की प्रगति की अनेक गाथाएं लेकर आया हूं।
साथियों,
आजकल आप जब भी भारत के बारे में सुनते हैं तो एक चर्चा सबसे पहले आती है। हेडलाइन बनती है- भारत की इकॉनॉमी। कोई कहेगा, इतने ट्रिलियन डॉलर की इकॉनॉमी हो गई है, कोई GDP ग्रोथ की बात करेगा, कोई बताएगा कि पिछले 10-12 वर्षों में इकॉनॉमी में इतना उछाल आ गया। आपको भारत की एक से बढ़कर एक उपलब्धियां सुनने को मिलेंगी।
आज भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की ग्रोथ को ड्राइव करने में बड़ी भूमिका निभा रही है। जब दुनिया पर कोरोना का इतना बड़ा संकट आया, तो भी भारत की अर्थव्यवस्था ठप्प नहीं पड़ी। जब वेस्ट एशिया का इतना बड़ा संकट चल रहा था, तब भी भारत की इकॉनॉमी थमी नहीं, बल्कि पिछले वर्ष का जो लास्ट क्वार्टर, मार्च में खत्म होता है तब हमारी ग्रोथ रेट Seven point Seven परसेंट रही है।
ये गति, ये प्रगति ऐसे ही नहीं आई है। भारत ने एक के बाद एक reforms किए हैं, हमने लगातार perform किया है, इसलिए आज देश transform हो रहा है। Reform, Perform, Transform, इस मंत्र को लेकर हम चल रहे हैं।
साथियों,
भारत ने आज जो ग्रोथ हासिल की है, ये 140 करोड़ लोगों के सपनों की ग्रोथ है, ये करोड़ों भारतीयों के एस्पिरेशन्स की ग्रोथ है। आप सभी भी उस सपने से अलग नहीं हैं। इंडोनेशिया में रहने वाला हर एक भारतीय उस सपने का साझीदार है।
साथियों,
भारत की ग्रोथ में जो स्पीड और स्केल है उसको एक लाइन में बताना हो तो मैं कहूंगा One point four billion aspirations in motion. आज भारत के गांव-देहात से लेकर शहरों तक का नागरिक Aspirations से भरा हुआ है। हर किसी में ये आत्मविश्वास आया है कि हां हम ये सफलता हासिल कर सकते हैं।
साथियों,
मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। आप भी जानते हैं कि हर इंसान के लिए अपने घर का सपना कितना बड़ा सपना होता है। और भारत का आंकड़ा सुनिए : भारत में पिछले 10-12 साल में 4 करोड़ से ज्यादा गरीबों को सरकार ने पक्के घर बनाकर दिए हैं। इतने तो कई देशों में कुल घरों की संख्या भी नहीं है।
साथियों,
जब लोगों को अपना घर मिलता है, एक सम्मानजनक जिंदगी मिलती है, तब इन करोड़ों भारतीयों की Aspirations को गति मिलती है, ड्रीम्स मोशन में आते हैं।
साथियों,
मैं आपको भारत में सोशल सिक्योरिटी कवर का दिलचस्प आंकड़ा दूंगा। 12 साल पहले भारत में 25 करोड़ लोगों के पास सोशल सेक्योरिटी कवर था। आज करीब 100 करोड़ भारतीय सोशल सिक्योरिटी के दायरे में आ गए हैं। और अब जो आंकड़ा मैं आपको बताने जा रहा हूं वो सुनकर आप हैरान ही रह जाएंगे।
भारत में एक योजना चलती है प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना इस योजना के तहत साल में सिर्फ 20 रुपए के प्रीमियम पर 2 लाख रुपए का accidental insurance मिलता है। यानी एक कॉफी जितना भी खर्चा नहीं है। दुनिया में ये कहीं मिले न मिले, लेकिन ये भारत में मिल रहा है। और इससे भारत के करीब 60 करोड़ लोग कवर्ड हैं।
साथियों,
एक दूसरी योजना भी है, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, इस योजना में हर रोज के करीब डेढ़ रुपए के प्रीमियम पर लाइफ इंश्योरेंस मिलता है। हर रोज के सिर्फ डेढ़ रुपए, एक कॉफी भी डेढ़ रुपए से ज्यादा है। और भारत में अभी 28 करोड़ लोग इस योजना से जुड़े हैं।
साथियों,
सरकार की इन दोनों योजनाओं के तहत अब तक करीब 22 हजार करोड़ रुपए का क्लेम लोगों को दिया जा चुका है। 22000 Crore Rupees. लोगों के जीवन में जब संकट आया तो सरकार उनकी साथी बनकर उनके साथ खड़ी रही।
साथियों,
आज भारत में एक और ऐसी व्यवस्था बनी है जो अभूतपूर्व है शानदार है। ये है डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर। ये एक ऐसी फूल-प्रूफ व्यवस्था है जिसमें बिना लीकेज लाभार्थियों तक पूरा पैसा पहुंच जाता है।
एक सज्जन आये थे मुझे पूछ रहे थे, बंगाल के लिए मेरा विज़न क्या है। यह विज़न है … Direct Benifit transfer. No leakage.
और यह पैसे भी सीधे उनके बैंक अकाउंट में। आप कल्पना कर सकते हैं बीते 12 साल में करीब 50 लाख करोड़ रुपए, फिफ्टी ट्रिलियन रुपीज की मदद, डायरेक्ट, लोगों के बैंक अकाउंट में भेजी जा चुकी हैं।
साथियों,
जब ऐसी व्यवस्था बनती है तब लोगों का भरोसा बढ़ता है तब लोगों में आत्मविश्वास आता है और तब 25 करोड़ भारतीय गरीबी को हराकर के गरीबी को परास करके गरीबी से बाहर निकल करके शांत से ज़िन्दगी जीने का प्रारम्भ करते हैं।
साथियों,
मैं आपको एक और डेटा देता हूं। आपने ये सुना होगा कि दुनिया की जितनी रियल टाइम डिजिटल पेमेंट्स होती हैं, उसकी करीब 50 परसेंट अकेले भारत में होती हैं। दुनिया की 50%.
आज भारत में हर दिन 75 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन्स होते हैं। 75 करोड़ से अधिक । यानि डे टू डे लाइफ में कैश लेकर चलने की मजबूरी नहीं रही है। और हालात तो ये हो गई है कि लोग डेबिट कार्ड का पासवर्ड भूलने लगे हैं, बैंक ATM का पासवर्ड भूलने लगे हैं, बस UPI से ही, Mobile Phone से ही काम हो रहा है।
साथियों,
जब सपने बड़े होते हैं तो सरकार के काम करने की स्पीड भी उतनी ही तेज हो जाती है। आज भारत में आप जाएंगे जो चारों तरफ हाईवे और एक्सप्रेसवे बनते हुए देखेंगे।
12 वर्ष में हाईवे निर्माण की स्पीड तीन गुना बढ़ गई है। ये भी दुनिया में one of the fastest है। इस दौरान भारत में एक्सप्रेसवे की लंबाई 100 किलोमीटर से बढ़कर 3 हज़ार किलोमीटर तक पहुंच चुकी है।
और भारत के जो ये बड़े सपने हैं, इसको भारत का युवा ड्राइव कर रहा है। 12 साल में ग्लोबल QS रैंकिंग में भारतीय यूनिवर्सिटीज की संख्या 11 से बढ़कर 50 से अधिक हो चुकी है।
आज भारत के नौजवान बहुत बड़ी संख्या में पेटेंट फाइल कर रहे हैं, इनोवेशन को गति दे रहे हैं। इसलिए तो आज भारत 2 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्ट अप्स वाला देश है, 2 लाख से अधिक। करीब सवा सौ यूनिकॉर्न्स वाला देश है।
तभी तो मैं कहता हूं कि भारत सिर्फ fastest growing इकॉनॉमी नहीं है, भारत में बिलियन प्लस ड्रीम्स इन मोशन हैं।
साथियों,
हम भारतीयों को ताज़ा खाना, ज़रा ज्यादा पसंद होता है। गर्मा-गरम हो तो बात ही कुछ और होती है, इसलिए, मैं भारत के सामर्थ्य का एक सबसे ताज़ा उदाहरण देता हूं।
इंडोनेशिया आने से दो दिन पहले यानि 4 जुलाई को मुझे एक ही दिन में देश को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स सौंपने का अवसर मिला है। वन ट्रिलियन रुपीज़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स एक ही दिन में। भारत इस स्केल पर काम कर रहा है।
साथियों,
भारत ने 4 जुलाई को एक बहुत बड़ी रिफाइनरी शुरु की है। और इस रिफाइनरी में जो मटीरियल लगा है वो भी कम हैरान करने वाला नहीं है। इसमें जितना स्टील लगा है उससे 40 नए एफिल टावर बन जाते, इतना स्टील लगा है कि 5 बुर्ज खलीफा तैयार हो जाते।
इस रिफाइनरी के निर्माण में इतनी लंबी केबल यूज हुई है जिससे पूरी धरती के दो चक्कर लग सकते हैं। ऐसे ही अभियानों के कारण आज भारत रिफाइनिंग कैपेसिटी के मामले में दुनिया में टॉप-4 देशों में पहुंच चुका है।
साथियों,
4 जुलाई को ही इस रिफाइनरी के अलावा जोधपुर में एक शानदार, भव्य एयरपोर्ट शुरु हुआ। छोटे-छोटे शहरों तक हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 28 हज़ार करोड़ रुपए की उड़ान योजना लॉन्च की गई। जयपुर के मेट्रो नेटवर्क को इसी दिन विस्तार मिला। और इसी दिन भारत के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट ने भी काम शुरू कर दिया।
यानि एनर्जी से लेकर कनेक्टिविटी, और चिप मैन्युफैक्चरिंग तक, भारत, Unstoppable है !
साथियों,
आज का भारत सिर्फ अपने सपने पूरे नहीं कर रहा बल्कि हर मित्र देश के सपनों के साथ है। भारत, सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर चलता है। इसलिए अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर नए अवसर बनाता है और उन्हें भी नए अवसरों से जोड़ता है।
भारत की आत्मनिर्भरता इंडोनेशिया के लिए, पूरे आसियान रीजन के लिए भी एक मल्टीप्लाइंग फोर्स है। आप हेल्थ सेक्टर को ही लीजिए। आज दुनिया की हर पांच में से एक Generic Medicine भारत में बनती है। UNICEF की जरूरत की लगभग 60 Percent Vaccines भारत से जाती हैं। और इसका लाभ इस पूरे क्षेत्र को भी होता है। हम अपने दोस्तों के लिए जो कुछ भी कर पा रहे हैं उस पर हमें बहुत गर्व है।
साथियों,
मैंने आपको भारत की इतनी बातें बताई हैं अब आपको मेरा एक और काम करना है। आपको अपने इंडोनेशियन फ्रेंड्स को भारत के बारे में बताना है और उन्हें, भारत आने के लिए आग्रह करना है।
अब तो जकार्ता से मुंबई के लिए बाली से दिल्ली और बेंगलुरु के लिए इतनी सारी डायरेक्ट फ्लाइट्स हैं। इससे भारत आना-जाना बहुत आसान हो गया है।
साथियों,
भारतीय समुदाय में भी जो नई पीढ़ी है, जो युवा हैं उनको भी आपको भारत के बारे में बताना है। इंडोनेशिया में, इंडियन कम्युनिटी के बच्चों के लिए भारत को जानो क्विज को शुरू किया गया है। इसमें यहाँ के बहुत सारे बच्चे पार्टिसिपेट कर रहे हैं। कर्टेन रेजर इवेंट में ही, मुझे आपका बहुत उत्साह दिखा है।
सिक्स्थ एडिशन में हमने एग्जाम फॉर्मेट को छोड़कर अब इस पूरे कंप्टीशन को गेमीफ़ाइड किया है। मेरा आग्रह है कि आप सब युवा साथी इसमें पार्टिसिपेट कीजि और सोशल मीडिया पर मेरे साथ, अपना एक्सपीरियंस शेयर कीजिए।
साथियों,
भारत और इंडोनेशिया, जितने इतिहास से जुड़े हैं उतना ही हमारा फ्यूचर भी शेयर्ड है। हमारे अवसर साझे हैं। हमारी चुनौतियां साझी हैं। जब योग दिवस आता है तो हम साथ योग करते हैं और जब सुनामी जैसा संकट आता हैतो हम साथ मिलकर उसका मुकाबला करते हैं।
हम दोनों देशों के बीच का भरोसा हम दोनों देशों के बीच बहुत बड़ी ताकत है। और हमें इसे मिलकर निरंतर मजबूत करना है।
आप सभी भारत-इंडोनेशिया के प्रॉसपेरस फ्यूचर की साझा कड़ियां हैं। अपने इस रोल को और बड़ा करना है।
इसी भाव के साथ, एक बार फिर मैं प्रेसिडेंट और मेरे परम मित्र प्रबोवो का, इंडोनेशिया की जनता का आभार व्यक्त करता हूं। और आप सभी को बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
भारत और इंडोनेशिया मित्रा सेलामान्या
बहुत-बहुत धन्यवाद।
और कल मैं राष्ट्रपति जी के साथ उस पवित्र मंदिर के दर्शन के लिए जा रहा हूँ है। और कल तारीख क्या है ? तो हमारा नाता भी इतना मजबूत है। और राष्ट्रपति की मैंने कितनी सारे योजनाएं बताई हैं, मैं वादा करता हूँ की इसमें कोई copyright नहीं हैं। ना copyright है, ना royalty का कोई क्लेम है। सबका साथ सबका विकास यही हमारा मंत्र है।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
The warmth and affection of the Indian diaspora in Indonesia are truly heartwarming. Speaking at a community programme in Jakarta.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
https://t.co/HKnd0RPuEb
Indonesia's highest honour... This is an honour for the 140 crore people of India... This award is yet another symbol of the close friendship between India and Indonesia: PM @narendramodi during community programme in Jakarta pic.twitter.com/bxXYyaZcqs
— PMO India (@PMOIndia) July 7, 2026
The relationship between India and Indonesia is rooted in our shared civilisational heritage and the seas that connect us. pic.twitter.com/PRUxSCNQnJ
— PMO India (@PMOIndia) July 7, 2026
Today, India's economy is playing a major role in driving global growth. pic.twitter.com/mZQL2tY9bp
— PMO India (@PMOIndia) July 7, 2026
If I had to sum up the speed and scale of India's growth in just one line, I would say... 1.4 billion aspirations in motion: PM @narendramodi pic.twitter.com/I05hkk2jmZ
— PMO India (@PMOIndia) July 7, 2026
India is not just the world's fastest growing economy... India is a nation with a billion plus dreams in motion. pic.twitter.com/Se2pdkPgoF
— PMO India (@PMOIndia) July 7, 2026
From energy to connectivity and chip manufacturing... India is unstoppable! pic.twitter.com/aUSySgVWVb
— PMO India (@PMOIndia) July 7, 2026
India's self-reliance is a multiplying force not only for Indonesia but for the entire ASEAN region. pic.twitter.com/0gc2roKzzf
— PMO India (@PMOIndia) July 7, 2026
The atmosphere at the community programme in Jakarta was truly euphoric! Deeply touched by the warmth and affection of the Indian diaspora. pic.twitter.com/CeKhUvUnv7
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
Delighted that my friend, President Prabowo Subianto, joined the community programme in Jakarta and made the occasion even more memorable. His address clearly reflected his affection for the people of India.@prabowo pic.twitter.com/czNiyvM0nj
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
I am happy that India and Indonesia are writing a new future together, built on mutual trust. The Indian community living in Indonesia will be among the greatest beneficiaries of this partnership. pic.twitter.com/en4SDy3whc
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
The growth India has achieved today is due to the efforts of 1.4 billion Indians. And, the success of India is contributing to a better planet. pic.twitter.com/e5nejSdrjz
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
I have a special appeal to the younger generation of the Indian community living in Indonesia… pic.twitter.com/U3gPN08yYk
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
Thank you President Prabowo Subianto for your address at the community programme earlier today, which was filled with unparalleled warmth and appreciation for India… @prabowohttps://t.co/R1FdkD3FmC
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026