ಪಿಎಂಇಂಡಿಯಾ
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಇಂದು ದೆಹಲಿಯ ವಿಜ್ಞಾನ ಭವನದಲ್ಲಿ ನಡೆದ ‘ನಾರಿ ಶಕ್ತಿ ವಂದನ ಸಮ್ಮೇಳನ’ದಲ್ಲಿ ಮಾಡಿದ ತಮ್ಮ ಭಾಷಣದ ಕೆಲವು ಪ್ರಮುಖ ಕ್ಷಣಗಳನ್ನು ಹಂಚಿಕೊಂಡಿದ್ದಾರೆ. ಮಹಿಳಾ ನೇತೃತ್ವದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಮತ್ತು ಸಬಲೀಕರಣದತ್ತ ದೇಶದ ಬದ್ಧತೆಯನ್ನು ಪ್ರಧಾನ ಮಂತ್ರಿಗಳು ತಮ್ಮ ಭಾಷಣದಲ್ಲಿ ಉಲ್ಲೇಖಿಸಿದರು.
ಎಕ್ಸ್ ಖಾತೆಯಲ್ಲಿ ಹಂಚಿಕೊಂಡ ಹಲವು ಪೋಸ್ಟ್ಗಳಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಗಳು ಹೀಗೆ ಬರೆದುಕೊಂಡಿದ್ದಾರೆ;
“नई दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में माताओं, बहनों और बेटियों के उत्साह और आत्मविश्वास ने नई ऊर्जा से भर दिया।”
“वर्ष 2029 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने को लेकर विपक्ष की भावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है। 16 अप्रैल से संसद में इस पर होने वाली चर्चा में हमारा पूरा प्रयास है कि यह प्रक्रिया संवाद, सहयोग और सहभागिता से आगे बढ़े।”
“जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ती है तो व्यवस्थाओं में भी संवेदनशीलता आती है। जल जीवन मिशन सहित हमारी कई योजनाओं की सफलता इसका बड़ा उदाहरण है।”
“गुजरात के खेड़ा जिले की एक पंचायत की महिला सदस्यों ने विकास को लेकर अपनी जो भावनाएं व्यक्त की थीं, उनसे पता चलता है कि जमीनी अनुभव से निकली वाणी कैसे वेद-वाक्य बन जाती है। इसके बारे में हर देशवासी को जरूर जानना चाहिए…”
माताओं-बहनों और बेटियों को और सशक्त बनाने के लिए हमने अपनी योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रयास किए हैं। इसके एक नहीं अनेक उदाहरण हैं…
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नई दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में माताओं, बहनों और बेटियों के उत्साह और आत्मविश्वास ने नई ऊर्जा से भर दिया। pic.twitter.com/05DR8IeQI1
— Narendra Modi (@narendramodi) April 13, 2026
वर्ष 2029 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने को लेकर विपक्ष की भावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है। 16 अप्रैल से संसद में इस पर होने वाली चर्चा में हमारा पूरा प्रयास है कि यह प्रक्रिया संवाद, सहयोग और सहभागिता से आगे बढ़े। pic.twitter.com/StTT3MUttb
— Narendra Modi (@narendramodi) April 13, 2026
जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ती है तो व्यवस्थाओं में भी संवेदनशीलता आती है। जल जीवन मिशन सहित हमारी कई योजनाओं की सफलता इसका बड़ा उदाहरण है। pic.twitter.com/dDwyDeZFi7
— Narendra Modi (@narendramodi) April 13, 2026
गुजरात के खेड़ा जिले की एक पंचायत की महिला सदस्यों ने विकास को लेकर अपनी जो भावनाएं व्यक्त की थीं, उनसे पता चलता है कि जमीनी अनुभव से निकली वाणी कैसे वेद-वाक्य बन जाती है। इसके बारे में हर देशवासी को जरूर जानना चाहिए… pic.twitter.com/s9xMgnr3ac
— Narendra Modi (@narendramodi) April 13, 2026
माताओं-बहनों और बेटियों को और सशक्त बनाने के लिए हमने अपनी योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रयास किए हैं। इसके एक नहीं अनेक उदाहरण हैं… pic.twitter.com/kKqofeQiwv
— Narendra Modi (@narendramodi) April 13, 2026