پی ایم انڈیا
وزیر اعظم جناب نریندر مودی نے کہا کہ دہلی میں منعقد تاریخی اے آئی سمٹ میں ہندوستان کی صلاحیتوں کی عالمی سطح پر وسیع پیمانے پر تعریف کی گئی ۔ انہوں نے کہا کہ یہ اس بات کا عکاس ہے کہ کس طرح ٹیکنالوجی کے میدان میں ہندوستان کے نوجوانوں کی مستقبل پر نظر رکھنے والی طرزفکر انسانیت کے لیے بےحد مفید ہو سکتی ہے۔
وزیر اعظم نے اس موقع پر سنسکرت کا سبھاشتم شیئر کیا –
“अविज्ञातस्य विज्ञानं विज्ञातस्य च निश्चयः। आरम्भः कर्मणां शश्वदारब्धस्यान्तदर्शनम्॥”
سبھاشتم یہ بتاتا ہے کہ نامعلوم علم کی دریافت کے لیے تجربہ اور تحقیق ضروری ہے ۔ معلوم حقائق کا فیصلہ اور تجزیہ تحقیق کا آغاز ہے ، اور اس علم کی تصدیق تجربے اور مشاہدے کے ذریعے کی جاتی ہے۔
وزیر اعظم نے X پر یک پوسٹ میں لکھا ؛
“दिल्ली में हुए ऐतिहासिक AI समिट में पूरी दुनिया ने भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की है। इससे पता चलता है कि टेक्नोलॉजी को लेकर हमारे युवा साथियों की सोच पूरी मानवता के बहुत काम आने वाली है।
अविज्ञातस्य विज्ञानं विज्ञातस्य च निश्चयः।
आरम्भः कर्मणां शश्वदारब्धस्यान्तदर्शनम् ।।”
दिल्ली में हुए ऐतिहासिक AI समिट में पूरी दुनिया ने भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की है। इससे पता चलता है कि टेक्नोलॉजी को लेकर हमारे युवा साथियों की सोच पूरी मानवता के बहुत काम आने वाली है।
अविज्ञातस्य विज्ञानं विज्ञातस्य च निश्चयः।
आरम्भः कर्मणां शश्वदारब्धस्यान्तदर्शनम्… pic.twitter.com/RtdpdRNOEC
— Narendra Modi (@narendramodi) February 23, 2026
****
ش ح۔ش م۔م ق ا
U- 2883
दिल्ली में हुए ऐतिहासिक AI समिट में पूरी दुनिया ने भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की है। इससे पता चलता है कि टेक्नोलॉजी को लेकर हमारे युवा साथियों की सोच पूरी मानवता के बहुत काम आने वाली है।
— Narendra Modi (@narendramodi) February 23, 2026
अविज्ञातस्य विज्ञानं विज्ञातस्य च निश्चयः।
आरम्भः कर्मणां शश्वदारब्धस्यान्तदर्शनम्… pic.twitter.com/RtdpdRNOEC