পি এম ইণ্ডিয়া
প্ৰধানমন্ত্ৰী শ্ৰী নৰেন্দ্ৰ মোদীয়ে আজি এটা সংস্কৃত হিতোপদেশ শ্বেয়াৰ কৰি প্ৰতিভাৰ বিকাশৰ বাবে সঠিক পৰিৱেশ, নিৰ্দেশনা আৰু প্ৰতিপালনৰ গুৰুত্বৰ ওপৰত আলোকপাত কৰে।
প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে এক্স-ত লিখিছে;
“सच्ची प्रतिभा को जब सकारात्मक परिवेश मिलता है तो उससे अद्भुत ऊर्जा का संचार होता है। इससे जहां प्रयासों में सफलता मिलती है, वहीं जीवन भी सार्थक बनता है।
पात्रविशेषे न्यस्तं गुणान्तरं व्रजति शिल्पमाधातुः।
जलमिव समुद्रशुक्तौ मुक्ताफलतां पयोदयस्य॥”
এজন ব্যক্তি বা বস্তুৰ মূল্য আৰু মহানতা তেওঁলোকে লাভ কৰা পৰিৱেশ আৰু নিৰ্দেশনাৰ ওপৰত বহু পৰিমাণে নিৰ্ভৰ কৰে। যেনেকৈ পানীৰ এটা সাধাৰণ টোপাল এটা বিশেষ শামুকৰ আৱৰণত প্ৰৱেশ কৰি সময়ত এটা মূল্যৱান মুক্তা হৈ পৰে, ঠিক তেনেদৰে সঠিক স্থান, সহায় আৰু পৰিচৰ্যাৰ সহায়ত সাধাৰণ গুণবোৰ অসাধাৰণ হৈ উঠিব পাৰে।
सच्ची प्रतिभा को जब सकारात्मक परिवेश मिलता है तो उससे अद्भुत ऊर्जा का संचार होता है। इससे जहां प्रयासों में सफलता मिलती है, वहीं जीवन भी सार्थक बनता है।
पात्रविशेषे न्यस्तं गुणान्तरं व्रजति शिल्पमाधातुः।
जलमिव समुद्रशुक्तौ मुक्ताफलतां पयोदयस्य॥ pic.twitter.com/2ha6KJaYke
— Narendra Modi (@narendramodi) September 3, 2026
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MJPS/SS/PRK/DD
सच्ची प्रतिभा को जब सकारात्मक परिवेश मिलता है तो उससे अद्भुत ऊर्जा का संचार होता है। इससे जहां प्रयासों में सफलता मिलती है, वहीं जीवन भी सार्थक बनता है।
— Narendra Modi (@narendramodi) September 3, 2026
पात्रविशेषे न्यस्तं गुणान्तरं व्रजति शिल्पमाधातुः।
जलमिव समुद्रशुक्तौ मुक्ताफलतां पयोदयस्य॥ pic.twitter.com/2ha6KJaYke